आम लीची के बाग में हल्दी, अदरक और ओल की खेती होगी। एकीकृत उद्यानिक विकास योजना के तहत अंतरवर्ती फसल योजना में इस तरह की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। बाग बगीचे की खाली जमीन को उपयोग में लाने की योजना है। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी। यह राज्य सरकार की योजना है जो भागलपुर जिले में लागू की जाएगी। इसके लिए लक्ष्य भी दिया गया है। इस योजना का लाभ लेने वाले किसानों को उद्यान विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
एकीकृत उद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत अंतरवर्ती फसल योजना में किसानों को अलग-अलग सब्जियों और मसाले के लिए अलग-अलग अनुदान मिलेगा। इसके लिए हल्दी, अदरक और ओल का चयन किया गया है। कृषि अधिकारी बताते हैं कि ये तीनों फसल पेड़ के छांव में भी हो सकते हैं। इसलिए इन तीनों फसल का चयन किया गया है। इसके लिए किसानों को अलग से खाली खेतों में फसल लगाने की जरूरत नहीं होगी। आम लीची के बगीचे या इमारती लकड़ी के बगीचे में पेड़ के अलावा जो जमीन होती है वह पूरे साल खाली पड़ी रहती है। उससे किसानों को कोई आमदनी नहीं होती है।



अगर किसान इन तीनों फसल को लगायेंगे तो उनकी आमदनी बढ़ेगी। किसान इस तकनीक को उपयोग में लायें इसके लिए सरकार अनुदान में अच्छी खासी रकम भी देगी। इसके लिए 0.36 हेक्टेयर का एक यूनिट बनाया गया है। एक किसान अधिक से अधिक दो यूनिट का लाभ ले सकते हैं। भागलपुर जिले में जो लक्ष्य दिया गया है, उसके अनुसार ओल की खेती 50 हेक्टेयर बाग बगीचे में करायी जाएगी। हल्दी 200 हेक्टेयर बाग में करायी जाएगी। वहीं अदरक 30 हेक्टेयर बाग में करायी जाएगी। जिन किसानों का पहले से बाग लगा हुआ है। वह इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

अनुदान की राशि फसल के आधार पर
- ओल के लिए 41 हजार रुपए एक यूनिट पर
- हल्दी के लिए 11150 रुपए एक यूनिट पर
- अदरक के लिए 38000 रुपए एक यूनिट पर
सहायक निदेशक उद्यान विभाग विकास कुमार ने बताया, उद्यान विभाग को मुख्यालय से इस योजना के बारे में गाइड लाइन आया है। किसान ऑनलाइन आवेदन करेंगे। इसके बाद अर्हता के अनुसार किसानों का चयन किया जाएगा। जिले में अनुदान के लिए निर्धारित लक्ष्य है।




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