BIHARBreaking NewsSTATE

मुजफ्फरपुर : ग्रीन पटाखें की मिली अनुमति, छाता बाजार में पटाखे की हो रही बिक्री

मुजफ्फरपुर : ग्रीन पटाखें की मिली अनुमति, छाता बाजार में पटाखे की हो रही बिक्री

ओमप्रकाश दीपक
मुजफ्फरपुर। दीपावली में अतिशबाजी करने के लिए प्रदूषण रहित पटाखे की बिक्री होगी। इस बार दीपावली में ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल होगा। डीएम ने आर्सेनिक, लेड निकेल, एसओटू एनओटू वाले पटाखे की बिक्री पर रोक लगा दी है।

उत्तर बिहार के प्रमुख पटाखा मंडी छाता बाजार में इस बार प्रदूषण करने वाले पटाखे की बिक्री पर पाबंदी लगा दी है। प्रदुषण को देखते हुये प्रशासन ने ऐसा कदम उठाया है। दीपावली के मौके पर अधिक धुंआ देने वाले अतिशबाजी से हवा में पीएम की मात्रा अत्यधिक हो जाती है। प्रदुषण के हिसाब से यह खतरनाक हो जाता है। इसी को देखते हुए डीएम प्रणव कुूमार ने कम धुंआ देने वाले ग्रीन पटाखे की बिक्री करने की अनुमति दुकानदारों को दी है।

राज्य के चार जिलों मुजफ्फरपुर, पटना, गया व हाजीपुर में पटाखा बिक्री पर रोक का आदेश नेशनल ग्रीन ट्रिव्युनल ने पारित किया था। पिछले साल दिवाली के दौरान हुए सर्वे में पाया गया था कि राज्य के मुजफ्फरपुर के अलवा पटना, गया व हाजीपुर में हवा में पीएम 2.5 की मात्रा अत्यधिक थी।

फायर वर्क्स एसोसिएशन छाता बाजार के अध्यक्ष इम्तेयाज अहमद उर्फ वकील ने बताया कि ग्रीन पटाखे की बिक्री करने के लिए गुरुवार को प्रशासन से आदेश मिला है। सूचना का शत प्रतिशत मंडी में पालन किया जा रहा है। ग्रीन पटाखे में फ्लावर पॉर्ट, ग्राउंड चक्कर, नागिन, फूलझरी, रॉकेट, स्पाई शॉट, लूज क्रेकर, ग्रीन साउंड, हाइडो, टार्च, लाइट आइटम शामिल है। ऐसे पटाखे की बिक्री मंडी में हो रही है।

छाता बाजार पटाखे मंडी में फूलझरी 35 से 100 रुपये 5 पीस, जवान 100 से 125 रुपये 25 पीस, आलूबम 20 से 80 रुपये 10 पीस, चक्कर 35 से 60 रुपये 10 पीस, रॉकेट 50 से 200 रुपये 10 पीस, कुलिया 50 से 100 रुपये 10 पीस, बंदूक 60 रुपये दर्जन एवं बंदूक का रौल 40 से 50 रुपये10 पीस, टार्च 30 से 60 रुपये 10 पीस की दर बिक्री हो रही है।

बाजार मंडी में इस बार सिर्फ लाइसेंसी दुकानदार ही पटाखे की बिक्री कर रहे है। मंडी में खुदरा दुकानदार अपने पसंद की पटाखे की खरीदारी कर रहे है। सोमवार से पटाखे की बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद दुकानदार कर रहे है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.