आगामी 8 नवंबर को दरभंगा एयरपोर्ट अपनी उड़ान सेवा के सफर को एक साल पूरा करने जा रहा है। इस कम अवधि में इस एयरपोर्ट ने पूरी सुविधाएं बहाल नहीं होने के बावजूद कई उपलब्धियां हासिल कर लीं। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत देश में दरभंगा सहित 63 शहरों में एयरपोर्ट खोला गया।
इनमें यात्रियों की आमद के मुताबिक नंबर वन पर दरभंगा जा रहा है। 11 माह में इस एयरपोर्ट से तकरीबन 4.60 लाख यात्रियों ने टेक ऑफ एंड लैंड किया। इस एयरपोर्ट पर रोज 2000 से 2200 यात्री आते-जाते हैं। ये यात्री नॉर्थ बिहार के 18 जिलों व नेपाल के भी हैं। एयरपोर्ट ऑथोरिटी एवं रक्षा मंत्रालय से इस एयरपोर्ट से एक दिन में 20 विमानों के लैंड व टेक ऑफ की अनुमति मिली है।


मिथिलांचल के लिए बढ़ीं सुविधाएं, काराेबार को मिली नई उड़ान
यहां एयरपोर्ट बन जाने से इलाके का कारोबार भी बढ़ा है। इस बार कार्गाें विमान से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू व हैदराबाद के लोगों ने शाही लीची का स्वाद चखा। वहीं, बेंगलुरू का धनिया पत्ता यहां अपनी खुशबू बिखेर रहा है। इस बार 36 टन लीची इन शहरोें में भेजी गई। वहीं प्रति दिन तीन से चार टन धनिया आ रहा है। अगले साल से यहां की मछली व पान को देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाएगा। मखाना को भी भेजने की योजना है।

मंत्री बोले-इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने की ओर दरभंगा
दरभंगा में एयरपोर्ट लाने और अब उसे विकसित करवाने के लिए शुरू से अब तक लगातार संघर्ष और प्रयास करने वाले जल संसाधन व सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय झा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तत्कालीन एविएशन मिनिस्टर हरदीप पुरी से खुद बातचीत की थी। उनका आग्रह था कि दरभंगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बने।

न सिर्फ यात्रियों की सुविधा की दृष्टि से, बल्कि व्यापार की दृष्टि से भी। आने वाले समय में यहां नाइट लैंंडिंग समेत वह सभी सुविधाएं होंगी जो किसी भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हैं। इसी को देखते हुए ही यहां जमीन अधिग्रहण और बाकी सारे काम चल रहे हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने इसके लिए 336 करोड़ रुपए की मंजूरी भी दी है।




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