सूबे के ग्रामीण इलाकों में अपने फायदे के लिए सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों के लिए बुरी खबर है। गांव की सड़कों को भी अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरु कर दिया है। इसकी वजह है कि सड़कों की मापी या सर्वे के कार्य में परेशानी हो रही है। इसे देखते हुए विभाग ने अलग रास्ता निकाला है। ग्रामीण कार्य विभाग ने यह तय किया है कि वह अपना अमीन और सर्वेयर की बहाली करेगा। अभी विभाग वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरे विभागों से अमीन और सर्वेयर की सहायता ले रहा है।
विभाग के पास अपना अमीन और सर्वेयर नहीं
दरअसल, सड़कों के निर्माण में सर्वेयर और अमीन की अहम भूमिका होती है। इसी तरह सड़कों का अतिक्रमण हो जाए तो उसे खाली कराने में भी अमीन की भूमिका होती है। विभाग के पास अपना अमीन और सर्वेयर नहीं होने के कारण सर्वे या मापी के कार्य में अनावश्यक देरी होती है। चूंकि विभाग के अधीन एक लाख किलोमीटर से अधिक सड़कें हैं। भविष्य में अभी और सड़कों का निर्माण होना बाकी है। इसे देखते हुए ही विभाग ने तय किया है कि वह अमीन और सर्वेयर की बहाली करेगा, ताकि विभागीय कामकाज में देरी न हो। इससे गांव की सड़कों को अतिक्रमण से भी बचाया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार सर्वेयर की बहाली सेक्शन वार होगी। विभाग के अधीन अभी 1070 सेक्शन हैं जिसके मुखिया कनीय अभियंता होते हैं।



राज्य में 1070 सर्वेयर की बहाली की जाएगी
हर सेक्शन में एक सर्वेयर होंगे। इसके अनुसार राज्य में 1070 सर्वेयर की बहाली होगी। सर्वेयर की बहाली की योग्यता आईटीआई रखी जाएगी। वहीं दूसरी ओर अमीन की बहाली अवर कार्य प्रमंडल के स्तर पर होगी। इसके प्रमुख सहायक अभियंता होते हैं। विभाग के अधीन अभी 534 अवर कार्य प्रमंडल हैं। इसके अनुसार राज्य में 534 अमीनों की बहाली की जाएगी। चूंकि ग्रामीण कार्य विभाग ने सड़कों की मरम्मत विभागीय स्तर पर करने का निर्णय लिया है। इस साल के अंत तक विभाग इस नीति पर अमल शुरू कर देगा। इसी के आलोक में विभाग ने इंजीनियरों के अलावा अन्य पदों पर बहाली का निर्णय लिया है। नई नीति का प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ग्रामीण सड़कों की मरम्मत शुरू होगी।




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