सुपौल के सीमावर्ती क्षेत्र और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश के कारण जिले के निर्मली और बसन्तपुर प्रखंड जलमग्न हैं। वहीं , कोसी नदी के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी हुई हे। जलस्तर 2,69,150 क्यूसेक बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया है। वहीं, कोसी बराज के 42 फाटक भी खोल दिए गए हैं।
फिर कोसी की ड्यूटी पर लौटे इंजीनियर
कोसी बाढ़ अवधि 15 अक्टूबर को समाप्त होने के बाद सभी इंजीनियर ड्यूटी से लौट चुके थे। लेकिन कोसी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए इंजिनयरों को देर रात फिर से तटबंधो पर लगा दिया गया। तटबंध की सतत निगरानी की जा सके। वहीं, डीएम महेंन्द्र कुमार ने जिले के 5 अंचल के सीओ को चुनाव ड्यूटी से हटा कर तटबंध की देख-रेख करने और लोगों तक राहत पहुंचाने का निर्देश दिया है।

एनडीआरएफ की टीम तैनात
लगातार बारिश जारी रहने और कोसी का डिस्चार्ज बढ़ने के कारण डीएम गणपतगंज में कैंप कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम को सरायढ़ में शिफ्ट करा दिया है। वहीं, प्रशासन ने तटबंध के भीतर बसे लोगो को अलर्ट करते हुए ऊंचे स्थानों पर चले जाने को कहा है। प्रशासन की नजर अब कोसी के बढते जलस्तर पर है अगर कोसी का डिस्चार्ज 3 लाख के पार हो जाता है तो प्रशासन के द्वारा लोगों का रैस्क्यू शुरु कर दिया जाएगा। जिसको लेकर एनडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया है।

नाव की समुचित व्यवस्था
प्रशासन के द्वारा लोगों के रैस्क्यू के लिए नाव की भी व्यवस्था की गई है। सभी सीओ तटबंध के भीतर बसे लोगों को अलर्ट कर रही है। वहीं, 3 लाख के पार जाने पर कम्यूनिटी किचन भी लोगों के खोल दिया जायेगा।

डीएम महेंन्द्र कुमार ने लोगों से अपील की “तटबंध के भीतर बसे लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लें। प्रशासन पूरी तरह से किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार है। नाव की समुचित व्यवस्था है, जरुरत पङने पर लोगो का रेसक्यू शुरु किया जायेगा।”




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