जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा पूर्णिया जिला के एक मजदूर की पत्थरों से कूच कर बेरहमी से हत्या कर देने का मामला सामने आया है। मृतक का शव रविवार की देर रात गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव वालों में दहशत का माहौल है। मृतक का नाम मो. मुजाहिद आलम है। वह पूर्णिया जिला के डगरूवा थाना क्षेत्र अंतर्गत करियात गांव का रहने वाला था। सेना द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच शव को मृतक के परिजनों को सुपुर्द किया गया।
6 महीना पूर्व जम्मू कश्मीर कमाने गया था मुजाहिद
मृतक मुजाहिद की पत्नी दिलको बानो ने बताया कि मुजाहिद 6 महीना पूर्व कमाने के लिए गांव के कुछ लोगों के साथ जम्मू कश्मीर गया था। वह कारगिल क्लांइट में सेना के निगरानी और सुरक्षा में रहता था। मुजाहिद वहां राजमिस्त्री का काम कर अपने परिवार का भरणपोषण करता था। वह परिवार में कमाने वाला अकेला था और परिवार उसी के भरोसे चल रहा था।

चार दिन पहले बाजार से गया था सब्जी लाने
मृतक की पत्नी दिलको बानो ने बताया कि उनके पति सब्जी लाने के लिए बाजार गया था। तभी आतंकियों ने अचानक घेर लिया और पत्थर से कूच कर बुरी तरह जख्मी कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सेना और पुलिस बल घटना स्थल पर पहुंचे, लेकिन आतंकी वहां से भाग गए। सेना ने मुजाहिद को अस्पताल पहुंचाया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही मुजाहिद ने दम तोड़ दिया। सेना द्वारा घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

चार बच्चे का पिता है मुजाहिद
मृतक के चचेरे भाई मो। दिलवर ने बताया कि मुजाहिद की पत्नी के साथ दो बेटा और दो बेटी हैं। वह परिवार में कमाने वाला अकेला था। मुजाहिद के मौत बाद परिवार के लोगों को दो वक्त की रोटी पर भी मुश्किल हो गया है। मुजाहिद का शव गांव पहुंचने के बाद पुलिस और सरकारी पदाधिकारी भी पहुंचे और ढाढस बढाते हुए हर संभव मदद देने का भरोसा भी दिलाया है।

जम्मू कश्मीर में फंसे हैं डगरूवा के करीब 300 मजदूर
करियात गांव के ग्रामीणों ने बताया कि डगरूवा प्रखंड अंतर्गत विभिन्न गांवों से करीब 300 के संख्या में मजदूर कमाने के लिए जम्मू कश्मीर गए हुए हैं। वह सभी लोग वहां फंसे हैं। मुजाहिद की आतंकियों द्वारा हत्या के बाद जम्मू कश्मीर गए मजदूर के परिवार काफी चिंतित और दहशत में है। करियात निवासी मो। दिलवर ने बताया कि उनके दो भाई भी मुजाहिद के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे। घटना के बाद पूरे परिवार की नींदें उड़ गई हैं।

दिलवर ने बताया कि सभी मजदूरों को सेना के कैंप में रखा गया है। सेना द्वारा सभी मजदूरों को सुरक्षित घर भेजने का आश्वासन दिया गया है। वहां फंसे मजदूर के परिजनों को हर दिन फोन पर बातचीत हो रही है। जम्मू कश्मीर में फंसे मजदूर भी काफी घबराए हुए हैं।



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