नई दिल्ली. आम आदमी को सितंबर 2021 में महंगाई से थोड़ी राहत मिली है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2021 के दौरान खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) घटकर 4.35 फीसदी पर आ गई. इससे एक महीना पहले यानी अगस्त 2021 में खुदरा महंगाई दर 5.3 फीसदी पर थी. एनएसओ के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों के दाम में कमी (Food Price Declines) के कारण खुदरा महंगाई दर में कमी दर्ज की गई है. कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) सितंबर 2021 में घटकर 0.68 फीसदी पर आ गया, जो अगस्त 2021 में 3.11 फीसदी पर था.
महंगाई घटाने पर रिजर्व बैंक का जोर
मौद्रिक नीति की समीक्षा के दौरान इस बार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का पूरा जोर महंगाई कम करने पर रहा था. इस वजह से आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया. रेपो रेट पहले की तरह 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर बना हुआ है. आरबीआई ने दिसंबर 2020 से ही महंगाई दर के लिए 4 फीसदी (+2% या -2%) का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है. इस बार महंगाई दर आरबीआई के तय दायरे में ही है. वहीं, अगस्त 2021 में औद्योगिक उत्पादन में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज करने से देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेत मिले हैं.


आईआईपी में दर्ज की गई है बढ़ोतरी
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के मुताबिक, देश के औद्योगिक उत्पादन (IIP) में अगस्त 2021 के दौरान 11.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं कोयला, कच्चा तेल और इस्पात समेत 8 बुनियादी क्षेत्र के उद्योगों के उत्पादन (Industrial Production) में इस दौरान सालाना आधार पर 11.6 फीसदी की वृद्धि हुई है. अगस्त 2021 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उत्पादन की वृद्धि दर 9.7 फीसदी रही है. वहीं, खनन क्षेत्र का उत्पादन 23.6 फीसदी और बिजली क्षेत्र का उत्पादन 16 फीसदी बढ़ा है. बता दें कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त 2021 के दौरान आईआईपी में 28.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई है.




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