BIHARBreaking NewsSTATE

बिग ब्रेकिंग : 32 साल पुराने अपहरण केस में पप्पू बरी / मधेपुरा विशेष कोर्ट ने कहा- उनके खिलाफ सबूत नहीं

मधेपुरा व्यवहार न्यायालय की विशेष अदालत ने 32 साल पुराने अपहरण के मामले में जाप सुप्रीमो और पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को रिहा करने के आदेश दे दिए हैं। सोमवार को अंतिम फैसला सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष अदालत (MP/MLA) निशिकांत ठाकुर ने पप्पू यादव को साक्ष्य के अभाव में रिहा करने के आदेश दिया।

जाप सुप्रीमो 32 साल पुराने अपहरण के एक मामले में 11 मई को पटना से गिरफ्तार किए गए थे। उनकी गिरफ्तारी के समय कोरोना की दूसरी लहर चरम पर थी और पप्पू लोगों की मदद करने के साथ-साथ सरकार की खराब व्यवस्था पर आलोचना कर रहे थे। आज इस मामले को लेकर विशेष अदालत में पप्पू यादव उपस्थित हुए। बीते 30 सितम्बर को बहस के बाद आज का दिन फैसले के लिए निर्धारित था।

गिरफ्तारी के बाद DMCH में इलाज करवा रहे थे पप्पू

दरभंगा के DMCH में इलाजरत पप्पू यादव सुबह अपने पैरों पर खड़े होकर एम्बुलेंस में बैठे, इससे पहले वो ह्वील चेयर पर नजर आते थे। मई में गिरफ्तारी के बाद ही उन्होंने तबीयत खराब होने का हवाला दिया था। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर उन्हें दरभंगा के DMCH में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। पप्पू तब से ही DMCH में भर्ती थे। वहीं से वो कोर्ट की तारीखों पर सुनवाई के लिए आते-जाते थे।

तारापुर से विधानसभा का उप चुनाव लड़ने की भी चर्चा

पप्पू यादव को अपहरण के इस मामले में बरी कर दिया गया है। अब चर्चा यह भी है कि वो तारापुर से विधानसभा का उप चुनाव भी लड़ सकते हैं। पार्टी के कार्यकर्ता यह मांग कर रहे हैं। जाप कमेटी ने पप्पू यादव के सामने भी चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, पप्पू यादव ने खुद अब तक इस बात की पुष्टि नहीं की है।

हाईकोर्ट ने छह माह में केस खत्म करने को कहा था

पटना हाईकोर्ट ने इस मामले को छह महीने में सुनवाई कर खत्म करने को कहा था, जिसमें चार महीने हो चुके हैं। सभी पक्षों की गवाही हो चुकी है। 32 साल पुराने अपहरण के मामले में पप्पू यादव के सभी पक्षों की गवाही हो चुकी है। पिछली बार पप्पू यादव ने अपने इस केस में गवाही दे दी थी। साथ ही दोनों पक्षों ने कोर्ट में सुलहनामा भी दाखिल कर दिया है। इससे पहले बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन के मामले में कोर्ट ने 19 जुलाई को पप्पू यादव को जमानत दे दी थी।

क्या है 32 वर्ष पुराना यह मामला

मधेपुरा के पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अपहरण के 32 साल पुराने एक मामले में जेल में बंद थे। पप्पू यादव पर 1989 के दौरान शैलेंद्र यादव ने मुरलीगंज थाना में राम कुमार यादव और उमाशंकर यादव के अपहरण किए जाने का मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में पटना पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर मधेपुरा पुलिस को सौंपा था। वहीं, पटना में कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर भी पप्पू यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूर्व सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद से जाप कार्यकर्ता लगातार उन्हें रिहा करने के लिए आंदोलन कर रहे थे।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.