चार महीने बाद एक बार फिर से NDRF की टीम को बिहार से पश्चिम बंगाल भेजा गया है। इसी साल के मई महीने में बिहार से बंगाल गई NDRF के 9वीं बटालियन की टीम ने चक्रवाती तूफान “यास” से लोगों की जान बचाई थी। प्रभावित इलाके के लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया था। उन तक कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई थी।
अब एक बार फिर से पश्चिम बंगाल के लोगों पर एक नए तूफान का खतरा मंडराने लगा है। इस नए चक्रवाती तूफान का नाम “गुलाब” है। इसका बड़ा असर बंगाल के वर्धमान जिले पर पड़ने वाला है। चक्रवात की वजह से वर्धमान और इसके आसपास के इलाके में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। “यास” ने मई महीने में बंगाल के साथ-साथ ओड़िशा में भी भारी तबाही मचाई थी।


6 टीम रवाना
जान-माल का काफी नुकसान हुआ था। इसे ध्यान में रखते केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से एक एडवाइजरी जारी की गई है। इसी के तहत पटना के बिहटा में स्थित NDRF के 9वीं बटालियन मुख्यालय से गुरुवार को कुल 6 टीम रवाना की गई। अधिकारी और जवान मिलाकर इसमें कुल 140 बचावकर्मी शामिल हैं। हर एक टीम को अत्याधुनिक आपदा प्रबंधन के साथ-साथ संचार उपकरणों से लैश किया गया है।

क्या बोले कमान्डेंट
9वीं बटालियन के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि NDRF के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से मिले आदेश के तहत पश्चिम बंगाल में चक्रवात “गुलाब” से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए यहां से टीम को भेज दिया गया है। हमारी टीम हर चुनौती का सामना करने को तैयार है।

आपदा की इस घड़ी में स्थानीय लोगों को हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी। कमान्डेंट ने बताया कि चक्रवाती तूफान “गुलाब” को लेकर पहले से ही पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, ओडिशा में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। इसका सबसे ज्यादा असर अभी बंगाल में दिख रहा है। जहां पिछले 2-3 दिनो से भारी बारिश हो रही है। इससे नदियों में बाढ़ का खतरा भी बन सकता है।





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