बिहार में 34 जिलों के 48 प्रखंडों में पंचायत चुनाव के 23,161 पदों के लिए बुधवार सुबह से वोटिंग जारी है। जितिया पर्व (निर्जला व्रत) के कारण महिला सुबह से ही पहुंचने लगीं। भोजपुर, रोहतास, मुजफ्फरपुर, नालंदा समेत बिहार के 34 जिलों में व्रती महिलाएं भी वोट देने के लिए पहुंची हैं। बूथ पर मतदाताओं की कतार लगी हुई। खगड़िया के परबत्ता प्रखंड के टेमथा करारी पंचायत के शर्मा टोला में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बूथ तक पहुंचने के लिए रातों रात पगडंडी बनाई गई।


34 जिलों में व्रती महिलाएं भी वोट देने के लिए पहुंची हैं।
इनमें चार पदों ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य के पद के लिए EVM से जबकि पंच और सपरंच के पद के लिए बैलेट बॉक्स से चुनाव कराए जाएंगे। वोटिंग के लिए मतदानकर्मियों का दल मंगलवार को ही संबंधित प्रखंडों में पहुंच गया। मतदाताओं के सत्यापन के लिए सभी बूथों पर बायोमैट्रिक्स सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।

आरा के एक बूथ पर 85 साल की बुजुर्ग महिला ने किया मतदान।

खगड़िया के परबत्ता प्रखंड के टेमथा करारी पंचायत के शर्मा टोला में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बूथ तक पहुंचने के लिए रातोंरात पगडंडी बनाई गई। सुबह डीएम व एसपी ने इस बूथ का निरीक्षण किया।

पंचायत चुनाव के दौरान युवा मतदाताओं ने भी उत्साह के साथ वोट किया।

मुंगेर के सामुदायिक भवन बरसंडा केंद्र संख्या-64 पर दिव्यांग मतदाता अमर कुमार मांझी मतदान करने पहुंचे।

नवादा के बूथ नंबर 136 पर डेढ़ घंटा से EVM खराब होने से कुछ देर के लिए बाधित रहा।

चुनाव के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

बूथ के बाहर लगी महिला वोटर की कतार।

ड्यूटी पर तैनात मतदानकर्मी

तकरीबन सभी बूथों पर सुबह 7 बजे से ही मतदान के लिए वोटरों की कतार लगनी शुरू हो गई थी।

मुजफ्फरपुर के बूथ संख्या 166 व 167 पर बायोमेट्रिक सिस्टम काम नहीं करने से वोटर को मतदान से पूर्व परेशानी हुई।



Leave a Reply