CPI के फायरब्रांड नेता कन्हैया कुमार कांग्रेस मुख्यालय पहुंच गए हैं। राहुल गांधी की मौजूदगी में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली। कन्हैया के साथ जिग्नेश मेवाणी ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कन्हैया कुमार ने कहा कि कुछ लोग देश का भविष्य खराब करना चाहते हैं, कांग्रेस नहीं बची तो देश नहीं बचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज देश में गांधी की एकता, अंबेडकर की समानता और भगत सिंह के साहस की जरूरत है।
कन्हैया ने और क्या कहा
कन्हैया ने यह भी कहा कि हमारे देश का नेतृत्व सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से लोकतांत्रिक पार्टी है। कांग्रेस परिवार छोड़ने के लिए नहीं कहता है। महात्मा गांधी पत्नी के साथ आजादी की लड़ाई लड़े थे। यह पार्टी परिवार को साथ लेकर चलने वाली है।



राहुल गांधी की मौजूदगी में सदस्यता लेते हुए कन्हैया कुमार।
इससे पहले कन्हैया कुमार ने दिल्ली के ITO स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह पार्क पहुंचे। यहां भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान जिग्नेश मेवाणी भी मौजूद रहे। माल्यार्पण के बाद सभी कांग्रेस मुख्यालय के लिए रवाना हो गए ।

ITO स्थित भगत सिंह पार्क में राहुल गांधी।
कन्हैया ने JNU (जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी) के छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। इसके बाद CPI के टिकट पर 2019 लोकसभा चुनाव भाजपा के गिरिराज सिंह के खिलाफ बेगूसराय सीट से लड़ा था, हालांकि वे हार गए थे।


दिल्ली के ITO स्थित शहीद भगत सिंह पार्क लोगों की भीड़।
किसान आंदोलन पर भी बयान दे सकते हैं कन्हैया
थोड़ी ही देर में कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कन्हैया कुमार करेंगे। इस दौरान वह बताएंगे कि उनका पुराना अनुभव कैसा रहा और नई पार्टी में आने का उद्देश्य क्या है। कन्हैया कुमार के नजदीकी बताते हैं कि किसान आंदोलन को लेकर कन्हैया कुमार कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि यह पूरी रणनीति प्रशांत किशोर की है।

दिल्ली स्थित 24 अकबर रोड AICC मुख्यालय में हो रहा इंतजार।

JNU में लगे देश विरोधी नारों से कन्हैया चर्चा में आए थे
कन्हैया 2015 में JNU छात्रसंघ के अध्यक्ष बने थे। 2016 JNU में कथित तौर पर लगे देश विरोधी नारों के बाद कन्हैया का नाम सभी की जुबान पर आ गया था। 2019 में बेगूसराय से CPI के प्रत्याशी के रूप में लोकसभा चुनाव में उतरे तो उनका सामना BJP के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह से हुआ। गिरिराज ने उन्हें 4 लाख 22 हजार वोट के बड़े अंतर से हराया। इसके बाद से पार्टी में उनको तरजीह देना कम कर दिया।

बिहार में लगातार कमजोर हो रही कांग्रेस
कांग्रेस को पिछले 5 विधानसभा चुनावों में कोई खास सफलता नहीं मिली है। फरवरी 2005 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 10 सीट मिली थी, जो अक्टूबर 2005 में घटकर 9 रह गई। 2010 के विधानसभा चुनाव में तो कांग्रेस को महज 4 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था।
2015 विधानसभा चुनाव में जब RJD और JDU के साथ कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा बनी तो पार्टी को 27 सीटों पर जीत मिली थी। 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में रहने के बाद भी कांग्रेस महज 19 सीटें जीत सकी। वहीं, लोकसभा चुनाव 2019 में तो कांग्रेस को बिहार में एक सीट मिली थी। अपने पुराने परिणाम को देखते हुए कांग्रेस अब बिहार में नए नेतृत्व-कर्ता के रूप में कन्हैया को लाना चाहती है।

कन्हैया कुमार के गांव में घर के पास पसरा सन्नाटा।
बेगूसराय के बीहट में पसरा सन्नाटा
इधर, कन्हैया कुमार के गांव, बेगूसराय के बीहट में ख़ामोशी छाई हुई है। न घर पर कोई मौजूद है, न गांव के लोग इस बारे में कुछ कहने को तैयार हैं। गांव के लोग कहते हैं कि वो इस विषय में कुछ नहीं जानते हैं। उन्होंने भी ऐसा कुछ सुना है। कई मीडिया कर्मी मंगलवार की सुबह से ही कन्हैया कुमार के घर पर आ-जा रहे हैं। लेकिन, घर का कोई सदस्य नहीं मिला। टीम कन्हैया से जुड़े कुछ लड़कों ने बताया कि जब तक कन्हैया कुमार ऑफिशियल घोषणा नहीं करते हैं, तब तक सबको इंतजार करना चाहिए। फिलहाल घर पर सन्नाटा पसरा है। गांव में भी कोई उत्साह नहीं है।



Leave a Reply