बागमती, गंडक व बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच जाने से जिले में बाढ़ की स्थिति लगभग खत्म हाे गई है। करीब एक माह से लगातार जलस्तर में कमी के साथ बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर लाल निशान 52.53 से चार मीटर नीचे 48.62 मीटर पर पहुंच गई है।
लेकिन, इसके उलट बाेचहां प्रखंड में बाढ़ प्रभावितों का सरकारी आंकड़ा अब पहले से दोगुना हाे गया है। पिछले दिनों जहां जिले के कुल 4.80 लाख बाढ़ प्रभावितों में बाेचहां प्रखंड में बाढ़ पीड़ितों की संख्या 61847 थी। वो संख्या अब दोगुनी बढ़कर 129426 हाे गई है।


प्रशासनिक तथा आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों में जिले का बाेचहां प्रखंड सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित है। पूर्व में भी जिले में बोचहां प्रखंड में अन्य प्रखंडों के मुकाबले सर्वाधिक लोगों को बाढ़ राहत अनुदान मिलने पर सवाल उठे थे। बाेचहां प्रखंड के कुल 61847 में से 38786 बाढ़ प्रभावितों काे अनुग्रह अनुदान राशि मिली थी।

जिले के प्रभारी मंत्री मुकेश सहनी की समीक्षा बैठक में भी 16 सितंबर काे बाेचहां प्रखंड के 61847 लाेगाें काे बाढ़ प्रभावित बताया गया था। लेकिन, एक सप्ताह में ही बाढ़ पीडि़तों की संख्या दोगुनी हो गई है। 23 सितंबर काे अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन डॉ. अजय कुमार ने विभागीय सचिव काे बाेचहां प्रखंड में बाढ़ से 129426 आबादी के प्रभावित हाेने की सूचना दी है।



उन्होंने पूर्व की रिपोर्ट के बाद आई बाढ़ के बाद बाेचहां सीओ द्वारा समय से प्रभावितों का आंकड़ा नहीं भेजे जाने काे इसका कारण बताया है। बाेचहां सीओ द्वारा 14 सितंबर काे नए आंकड़े की जानकारी भेजने के बाद उन्होंने इसकी जांच तथा सत्यापन कराया है। उन्होंने विभाग से आपदा पोर्टल पर प्रभावितों की संख्या बढ़ाकर 1.29 लाख करने का आग्रह किया है।




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