अयोध्या वि’वाद पर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद रामजन्मभूमि में रामलला के भव्य मन्दिर निर्माण की शुरू हुई ह’लचल के बीच राम मन्दिर ट्रस्ट का हिस्सा बनने की हो’ड़ म’च गई है। केन्द्र सरकार की ओर से राम मन्दिर निर्माण के लिए गठित किए जाने वाले ट्रस्ट में नु’माइंदगी के लिए कई दावेदार सामने आ गए हैं।केन्द्र सरकार ने अयोध्या मा’मले में विशेष डेस्क बनाकर राम मन्दिर ट्रस्ट का स्वरूप तय करने की पहल कर दी है। रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास चाहते हैं कि न्यास को ही अंगी’कार करते हुए केन्द्र सरकार उसे नये ट्रस्ट का स्वरूप प्रदान कर दे। श्री दास कहते हैं कि किसी नए ट्रस्ट की जरूरत ही नहीं है।

मन्दिर निर्माण के लिए न्यास पहले से गठित है। भव्य मन्दिर बनाने के लिए 60 फीसदी पत्थर और खम्भे न्यास की कार्यशाला में बनकर रखे हुए हैं। अब तो सिर्फ मन्दिर का निर्माण शुरू होना बाकी है। ऐसे में न्यास को ही ट्रस्ट बनाकर यह शुभ काम शुरू करा दिया जाए।रामजन्मभूमि न्यास को केन्द्र की ओर से गठित किये जाने वाले ट्रस्ट में विशेष भूमिका दिए जाने पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद और विराजमान रामलला तीनों ही सहमत हैं। ये तीनों चाहते हैं कि न्यास और उसके अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट में सम्मानजनक स्थान मिले। इसी तरह रामालय ट्रस्ट भी अपनी दवेदारी पर अड़ा हुआ है।

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