
इसके बाद जनवरी के अंतिम सप्ताह से श’राब व बी’यर की दुकानों के लाइसेंस आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सबसे पहले मानक पूरे करने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस का नवीनीकरण होगा। जो विक्रेता नवीनीकरण नहीं करा सकेंगे, उनकी दुकानों के लाइसेंस आवंटन के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित होंगे और फिर उन आवेदनों पर लाटरी ड्रा कराया जाएगा।

चालू वित्तीय वर्ष में आबकारी मद से राजस्व आय की प्राप्ति 30 नवम्बर तक 17 हजार 343 करोड़ रुपये की हुई है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 में 30 नवम्बर तक 15 हजार 500 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। पहली अप्रैल से 30 नवम्बर के बीच आबकारी राजस्व में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।



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