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मुजफ्फरपुर सहित बिहार के 12 जिलों में बनाए जाएंगे औषधीय पौधों के पार्क, हर जगह दिखेंगे 50 किस्‍म के पौधे

लोगों में औषधीय पौधों के प्रति जागरुकता लाने के लिए बिहार सरकार का पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग औषधीय पार्क बनाएगा। ऐसे कई औषधीय पौधे हैं जिनके बारे में सभी लोग नहीं जानते हैं। इन पार्क के माध्यम से लोगों को इन पौधों के उपयोग और उनकी प्रजाति के बारे में बताया जाएगा। राज्य के एक दर्जन स्थानों पर औषधीय पार्क बनाए जाएंगे। दो चरणों में इनका निर्माण होगा। पहले चरण में पटना, मुजफ्फरपुर, रोहतास और जमुई में निर्माण होगा। दूसरे चरण में भागलपुर, गया, आरा, पूर्णिया, नवादा समेत आठ स्थानों पर पार्क बनाए जाएंगे। प्रत्येक पार्क का निर्माण 52 लाख रुपये की राशि से होगा। पार्क के निर्माण के लिए जगह का चयन हो चुका है। पहले चरण के पार्कों के निर्माण के लिए लगभग 2.8 करोड़ रुपये का बजट तैयार कर लिया गया है। तीन से चार महीने में पार्क तैयार कर लिए जाएंगे।

पटना के पुनाईचक पार्क में बनेगी औषधीय वाटिक

पटना के पुनाईचक पार्क में 800 वर्ग मीटर में औषधीय पार्क का निर्माण किया जाएगा। पटना में 74 पार्क हैं पर अन्य की अपेक्षा ज्यादा जगह के कारण पुनाईचक पार्क का चयन किया गया है। हर पार्क में 50 प्रजाति के हजार औषधीय पौधे लगेंगे। इनमें मुख्य रूप से हरजोड़, तुलसी, कालमेघ, सतावर, मूसली, अश्वगंधा, भृंगराज, पत्थरचूर जैसे पौधे शामिल हैं। इनमें कुछ पौधे स्थानीय हैं जबकि कुछ बाहर से मंगाए जाएंगे।

  • राजधानी समेत एक दर्जन जिलों में लगेंगे औषधीय पार्क
  • लोगों में आएगी औषधीय पौधों के बारे में जागरूकता
  • पुनाईचक पार्क में 800 वर्ग मीटर में तैयार होगा औषधीय पार्क
  • 52 लाख रुपये से होगा प्रत्येक पार्क का निर्माण
  • 2.8 करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण में बनेंगे पार्क
  • तीन से चार महीने में  तैयार कर लिए जाएंगे पार्क

हर प्रजाति के पौधे के आगे लगाया जाएगा बोर्ड

हर प्रजाति के पौधे के आगे बोर्ड लगाया जाएगा। इसमें उस पौधे का नाम और प्रजाति के बारे में लिखा होगा। पौधा किस रोग में काम आता है, इसकी भी जानकारी दी जाएगी। औषधीय पौधों के बारे में जानकारी देने के लिए पार्क में ही कियोस्क केंद्र बनाया जाएगा। इसमें लोगों को औषधीय पौधों का उपयोग, लगाने की जानकारी दी जाएगी।

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