सर्दी के सितम (Cold) से इंसान से लेकर भगवान (God) तक परे’शान हैं. क’ड़ाके की ठंड से बचाने के लिए अब भगवान को भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है. बिहार के गया (Gaya) शहर के तीन बड़े मंदिरों (Temples) में भगवान राधा, कृष्ण, बलराम, सुभद्रा, संकट मोचन हनुमान जी को ठंड से ब’चाने के लिए गर्म कपड़े पहनाए गए हैं साथ ही रूम हीटर की भी व्यवस्था की गई है.दरअसल गया लगातार तीन दिनों से प्रदेश में सबसे ठंडा शहर रहा है. सोमवार को यहां का तापमान 2.4 डि’ग्री हो गया था. इस ठंड में जहां इंसानों को उनी कपड़ों में लि’पटकर घरों में दुब’के रहना पड़ रहा है वहीं यहां के भग’वान भी ऊनी कपड़े पहने मंदिर में विराजमान दिख रहे हैं.कोहरा और सर्द उत्तरी-पश्चिमी बर्फीली हवा के कारण रात-दिन हाड़ कं’पकं’पा देने वाली सर्दी सि’तम ढा रही है.


यही कारण है कि शहर के गौरिया मठ, इस्कॉन मंदिर और हनुमान मंदिर में सर्दी शुरू होते ही इंसान जिस तरह से सर्दी से ब’चाने के लिए गर्म कपडे का उपयोग करता है, ठीक उसी तरह सर्दी से ब’चाने के लिए भगवान को भी मंदिर के पुजारी के द्वारा गर्म कपड़े दिए जा रहे हैं ताकि भगवान को भी सर्दी से और ठंड के प्रकोप से बचाया जा सके.ग़ांधी मैदान के पास स्थित इस्कॉन मंदिर के पुजारी जगदीश श्याम दास ने बताया कि जिस प्रकार इंसान इस समय सर्दी पड़ने पर गर्म पानी से स्नान कर रहे हैं. ऊनी स्वेटर, टोपी, शॉल व दस्ताने पहन ठंड से ब’चने का प्रयास कर रहे हैं उसी प्रकार भगवान को भी ठंड नहीं लगे, इसके लिए गर्म पानी से स्नान कराने के साथ-साथ ऊनी स्वेटर, टोपी, शॉल व दस्ताने पहनाया जा रहा है. यहां राधा-कृष्ण, बलराम, जगरनाथ जी,सुभद्रा विराजमान हैं.

पुजारी बोले
मंदिर के पुजारी कहते हैं कि जिस तरह भगवान को भोग लगाते हैं तो भगवान तो हमारी आस्था होती है कि हमारे चढ़ाए गए भोग को भगवान ग्रहण करते हैं उसी प्रकार जब हमें ठंड लगती है तो हमें आस्था रहता है कि भगवान को भी ठंड लगती होगी, इसलिए भगवान को भी जाड़े में ऊनी वस्त्र पहन आते हैं वहीं गर्मियों में एसी और पंखे भी लगाते हैं जाड़े में गर्म तासीर वाले ही पकवान भोग लगाये जा रहे हैं.

इन मंदिरों में की गई है व्यवस्था
चाणक्यपुरी कॉलोनी स्थित सं’कटमोचन हनुमान जी के मंदिर के भक्त श्याम भंडारी बताते हैं कि भारतीय संस्कृति सभ्यता में जो ईश्वर की आराधना व पूजा की जाती है वो मन की भा’व से की जाती है और उसी मन भा’व से लगता है कि जिस प्रकार हम इंसान को भूख लगती है, ठंड लगती है तो उसी प्रकार भगवान को भी भूख लगती है और उन्हें भी ठंड लगती है इसलिए गया के जीबी रोड स्थित गोरिया मठ, गांधी मैदान स्थित इस्कॉन मंदिर चाणक्यपुरी कॉलोनी स्थित हनुमान जी के मूर्ति पर कंबल ओढ़ाया गया है.




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