मौजूदा वक्त में जहां हर कोई मतलब का यार हो चला है, उस दौर में बेजुबानों को कौन पूछे. वो भी तब जब इस क’ड़ाके की ठंड में हर कोई खुद को महफूज करने की जु’गाड़ में रहता है. लेकिन हम आपको एक ऐसे इंसान की कहानी बताने जा रहे हैं, जो कि ठंड की परवाह किए बगैर आवारा जानवरों और असहाय इंसानों का मददगार बना हुआ है. जी हां, बिहार की राजधानी पटना (Rajdhani Patna) में विवेक विश्वास (Vivek Vishwas) रातभर लावारिश पशुओं को गर्म कपड़े पहनाने की मुहिम में जुटे रहते हैं. इस वजह से लोग उन्हें बेजुबानों का मसीहा का कहते हैं.राजीव नगर के रहने वाले विवेक विश्वास इन दिनों सर्द रातों में ना सिर्फ बेजुबानों को गर्म कपड़े पहनाते हैं बल्कि उसे प्यार देने के अलावा खाना भी खिलाते हैं.


राजधानी की सड़कों पर रात के सन्नाटे में विवेक हाथ में कपड़े से भरी बोरी लेकर रोज निकलते हैं और आवारा पशुओं देखकर उनको गर्म कपड़े पहनाने में लग जाते हैं. विवेक की मानें तो वह आवारा पशुओं और असहाय इंसानों की सेवा को ही अपना धर्म समझते हैं. वह कहते हैं कि ठंड तो जानवरों को भी सताती होगी और यही सोचकर मैं रात में सड़कों पर निकल जाता हूं. हालांकि इस दौरान कभी कभार आवारा पशुओं से परेशानी भी होती है, लेकिन उनका हमदर्द बनना मेरा मकसद है.बहरहाल, पीजी तक की पढ़ाई करने के बाद प्राइवेट जॉब करने वाले विकेक अपनी आमदनी का 30 प्रतिशत खर्च असहाय और लावारिश इंसान या जानवरों खर्च करते हैं.




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