मुजफ्फरपुर : रेलवे निजीकरण के खिलाफ 13 से 18 तक होगा प्रदर्शन : महामंत्री
मुजफ्फरपुर। रेलवे में मुद्रीकरण के केंद्र सरकार के फैसले पर नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन और रैलियां आयोजित करने का आह्वान किया है। रेलवे कर्मचारी 13 से 18 सितम्बर के दौरान विरोध सप्ताह आयोजित करेगा। एनएफआईआर के आह्वान पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे मेंस कांग्रेस सोनपुर मंडल शाखा में तैयारी चल रही है।


एनएफआईआर के महामंत्री डॉ.एम राधवैया ने रेलवे परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण और रेलवे ट्रेनों को निजी संस्थाओं को सौंपने पर रेलवे कर्मचारियों ने संघर्ष शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र में निर्वाध आपूर्ति सुनिश्चित रेलवे ने की है। देश में 02.3 करोड़ से अधिक लोग प्रतिदिन टे्रन से यात्रा करते है। रेलवे को 2021-2022में कोविड-19 महामारी के बीच 1233 मिलियन टन से अधिक माल ढुलाई कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। निजी कंपनियों के हाथ में जाने के बाद किराया में अधिक बढ़ोतरी की जायेगी। इसका कोई नियंत्रक नहीं होगा। इसका बोझ आम जनता पर पड़ेगा।

रेलवे समाज सेवा दायित्वों को पुरा करने के लिए प्रति वर्ष 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर रहा है। इस नुकसान का भारपाई भारत सरकार द्वारा नहीं की जाती है। यदि रेलवे को अधिक आय अर्जित करने केलिए निर्णय लेनेकी अनुमति दी जाये तो अधिक आय अर्जित अपनी प्रणालियोंो काफी विकसित करने में समक्ष होगा। ईस्ट सेंट्रल रेलवे मेंस कांग्रेस के केंद्रीय संयुक्त महासचिव सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि 13 से 18 सितम्बर के दौरान विरोध सप्ताह सख्ती से पालन किया जायेगा।





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