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टिकट लिया था दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस का, पर तेजस से यात्रा का मिल गया मौका, यात्रियों ने कहा- प्लेन जैसी आ रही फीलिंग

स्थान-राजेंद्रनगर टर्मिनल का प्लेटफॉर्म नंबर एक। बुधवार शाम 6.30 बजे हैं। राजेंद्रनगर तेजस राजधानी स्पेशल एक्सप्रेस लगी है। हर कोच में तिरंगा बैलून लगे हैं। यात्री ट्रेन के साथ सेल्फी ले रहे हैं। पहली बार तेजस की रेक से राजेंद्रनगर-नई दिल्ली राजधानी के रवाना होने से पहले उत्सव-सा माहौल है।

अचानक अनाउसमेंट होती है-यात्रीगण अपना स्थान ग्रहण कर लें, क्योंकि ऑटोमेटिक गेट बंद होने वाला है। गेट बंद होते हैं और ठीक 7:10 बजे ट्रेन चल पड़ती है। 7:20 बजे यह पटना जंक्शन के एक नंबर प्लेटफॉर्म पहुंचती है। यहां भी यात्री सवार होने से पहले सेल्फी ले रहे हैं। इस ट्रेन से पहले दिन 1100 यात्रियों ने सफर किया।

पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि यह देश की तीसरी राजधानी है, जिसे तेजस रेक से चलाया जा रहा है। सबसे पहले अगरतला-आनंद विहार राजधानी को तेजस रेक से बदला गया, जो पाटलिपुत्र स्टेशन होकर चलती है। उसके बाद मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस भी तेजस रेक से चलती है।

अब राजेंद्रनगर नई दिल्ली राजधानी स्पेशल तेजस रेक से चलने वाली तीसरी ट्रेन बन गई है। ट्रेन का नंबर पहले की तरह 02309/02310 ही रहेगा। किराया व टाइमिंग भी पहले वाली ही रहेगी। सिर्फ नाम राजेंद्रनगर तेजस राजधानी स्पेशल हो गया है और सुविधाएं तेजस की तरह बढ़ गई हैं। यह ट्रेन अभी राजधानी की तरह ही 130 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगी। वैसे यह 160 किमी की रफ्तार से चल सकती है।

उदघाटन मौके पर रेलवे के अधिकारी।

उदघाटन मौके पर रेलवे के अधिकारी।

तेजस रेक से चलने वाली यह तीसरी राजधानी, सेल्फी लेने में मशगूल रहे यात्री
राजेंद्रनगर से दिल्ली जा रही प्रिया जायसवाल काफी खुश थीं। कहा-जब टिकट लिया था, तब पता नहीं था कि तेजस एक्सप्रेस से सफर करने का मौका मिलेगा। एकदम प्लेन जैसी फीलिंग आ रही है। मेरा तो अनुभव अच्छा रहा। अंकित कुमार, पूजा और अमित ने कहा कि काफी टाइम बाद पटना से कोई अच्छी ट्रेन शुरू हुई है।

यश राज ठाकुर, नीतू कुमारी और गोपाल ठाकुर भी काफी खुश थे। ए वन में सफर कर रही सुप्रिया, रश्मि आनंद समेत अधिकतर यात्री राजेंद्र नगर से पटना जंक्शन से ट्रेन खुलने तक सेल्फी लेने में मशगूल दिखे।

ट्रेन की खासियत

  • ऑटोमेटिक प्लग इनडोर प्रणाली। सभी गेट बंद होने तक ट्रेन नहीं चलेगी।
  • सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे। अगला स्टेशन, शेष दूरी, आगमन-प्रस्थान के अपेक्षित समय सहित अन्य संदेश के लिए दो एलसीडी डिस्प्ले।
  • पर्दे की जगह रोलर ब्लाइंड, जिससे सफाई में आसानी होगी। प्रत्येक कंपार्टमेंट में डस्टबीन।
  • द्वितीय-तृतीय श्रेणी के कोचों में साइड लोअर बर्थ को सिंगल पीस बेड का रूप दिया गया। ऊपर की बर्थ पर जाने के लिए सुविधाजनक व्यवस्था।
  • सभी यात्री के लिए मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट। बोगियों में एयर स्प्रिंग सस्पेंशन।
  • सभी कोचों में ऑटोमेटिक फायर अलार्म और डिटेक्शन सिस्टम। आग लगने पर ऑटोमेटिक ब्रेक लग जाएगा।
  • बायो-वैक्यूम टॉयलेट, जिससे पानी की बचत होगी। शौचालय दुर्गंध नियंत्रण प्रणाली से युक्त।
  • शौचालय में शिशु देखभाल के लिए इन्फेंट केयर सीट।

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