कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के बीच पटना में कोरोना की गाइडलाइन टूट रही है। अनलॉक होते ही बाजारों में गाइडलाइन साइड हो गई है। स्वास्थ्य विभाग देश के कई राज्यों में कोरोना के उतार चढ़ाव को लेकर मंथन चल रहा है और पटना में संक्रमण को लेकर बड़ी लापरवाही हो रही है। प्रशासन ने पटना के बड़े बाजारों से आंख बंद कर लिया है। धावा दल भी लापता हो गए हैं। बाकरगंज से लेकर खेतान मार्केट तक लगने वाली भीड़ कोरोना का खतरा बता रही है।
कोई निगरानी नहीं, कहीं कार्रवाई नहीं
बिहार में अनलॉक 6 चल रहा है। कोरोना को लेकर गाइडलाइन है जिसका लोगों को पालन करना है। लेकिन पटना के बाकरगंज से लेकर खेतान मार्केट तक इसका कहीं भी पालन नहीं हो रहा है। न तो जिला कंट्रोल रूम एक्टिव है और न ही धावा दल। अगर ऐसे ही लापरवाही हुई तो कोरोना का खतरा आने वाले दिनों में संकट बनेगा। बाजारों का हाल प्रशासन के दावे से एक दम अलग है। यहां न कोई सोशल डिस्टेंस है और न ही मास्क को लेकर कोई गंभीरता। सामान्य दिनों की तरह लोगों की भीड़ लगी रहती है।



बाकरगंज से लेकर खेतान मार्केट तक लगती है भीड़।
बाकरगंज में भीड़ पर कोई निगरानी नहीं
बाकरगंज में भी भीड़ को लेकर कोई निगरानी नहीं है। भीड़ इतनी हो रही है कि घंटों सड़क जाम हो जा रही है। इसके बाद भी कोई देखने वाला नहीं है। पटरी दुकानदारों के पास भीड़ थी और कोई पूछने वाला नहीं है। भीड़ में ऐसे लोगों की भी संख्या अधिक दिख रही है जिनके चेहरे पर मास्क तक नहीं।
धावा दल को इसके लिए लगाया गया है कि वह नियम और गाइडलाइन का पालन कराए लेकिन धावा दल खेतान मार्केट की तरफ आती ही नहीं है। इस कारण से दुकानदारों में भी डर खत्म हो गया है। लोगों का कहना है कि अगर गाड़ी आती भी है कभी तो कर्म गाड़ी का शीशा तक नहीं खोलते हैं। ऐसे में बस कोरोना की गाइडलाइन की खानापूर्ति ही हो रही है।


दिन में नहीं रहती है भीड़-भाड़।
खेतान मार्केट के साथ आस पास के बाजार का हाल
खेतान मार्केट में भी भारी भीड़ थी और कहीं से भी कोरोना की गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। प्रशासन की कोई टीम बाजार में भीड़ की निगरानी करती नहीं दिखती है। अब तो सामान्य दिनों की तरह आजादी दे दी गई है। कोरोना के खतरे से लोगों को कैसा बचाया जाएगा यह बड़ा सवाल है। बाजार में जाने वाले लोगों को भी कोरोना का जरा सा डर नहीं है।

कोरोना की दूसरी लहर में जिस तरह से तबाही मची थी ऐसे ही तीसरी लहर में खतरा बढ़ सकता है अगर लोगों ने ध्यान नहीं दिया। पटना के प्रमुख बाजार मछुआ टोली और बारी पथ का भी यही हाल है। भीड़ पर कोई ध्यान देने वाला नहीं।



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