काेराेना की तीसरी की आशंका के बीच संक्रमण फैलने के लिए जंक्शन खुला मैदान बना हुआ है। केरल समेत दक्षिण के राज्याें में संक्रमण बढ़ने के बाद भी वहां से आनेवाले यात्रियाें की जांच की व्यवस्था जंक्शन पर नहीं की जा सकी है। बाहर से आनेवाले यात्री बिना जांच सीधे निकल जा रहे हैं। एेसे में जिले में काेराेना संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी डीएम व सीएस काे वीडियाे क्रांफ्रेंसिंग के जरिए काेराेना जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया था। इसके तहत ट्रेनाें से आनेवाले सभी यात्रियाें की काेराेना जांच करनी थी। सर्कुलेटिंग एरिया में बैरिकेडिंग करा काउंटर बढ़ाने थे।


लेकिन, आदेश के 5 दिन बाद भी जंक्शन पर न ताे काउंटर बढ़ाए गए और न ही बैरिकेडिंग करा जांच शुरू की गई। आश्चर्य ताे यह है कि पहले से संचालित काउंटर भी दाेपहर बाद बंद हाे जाता है। मंगलवार काे पूछताछ हाॅल में लगा काउंटर जहां 11 बजे दिन में ही बंद हाे गया, वहीं यूटीएस हाॅल के एंटीजन किट वाले काउंटर काे भी कर्मी दाेपहर 3 बजे बंद कर चले गए।

सिर्फ आरटीपीसीआर जांच वाले एक काउंटर पर ही सैंपल लिया जा रहा था। सिविल सर्जन डाॅ. विनय शर्मा ने कहा कि जंक्शन पर जांच बढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है। काउंटर बढ़ाने व कर्मियाें की प्रतिनियुक्ति समेत बैरिकेडिंग के लिए नाेडल अधिकारी काे निर्देश दिया गया है। रेलवे के स्टेशन डायरेक्टर, जीआरपी व आरपीएफ काे सहयाेग के लिए पत्र लिखा गया है। व्यक्तिगत रूप से भी मिलकर अनुराेध करेंगे।




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