मोतिहारी जिले के पकड़ीदयाल नगर पंचायत के काम की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। अनुमंडल परिसर में नगर पंचायत द्वारा बनाए गए सीताराम सरोवर की दीवार लोकार्पण के 5 दिन बाद ही टूटकर गिर गया है। यह खबर मिलते ही एसडीओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर पंचायत को पत्र देकर निजी कोष से पुनः निर्माण कराने व दोषी पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
इधर, लोगों में चर्चा है कि जब अनुमंडल परिसर के काम में इस तरह गुणवत्ता का ख्याल रखा गया है, तो बाकी जगहों पर होनेवाले काम का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। बताया जाता है कि पकड़ीदयाल नगर पंचायत द्वारा अनुमंडल परिसर में 22 लाख की लागत से सीताराम सरोवर का सौंदर्यीकरण किया गया था। जिसका लोकार्पण 5 दिन पूर्व किया गया था। अब इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि काम कितना गुणवत्तापूर्ण था कि 5 दिन में ही सरोवर की दीवार टूटकर गिर गई।

विभागीय काम के नाम पर मचा लूट-खसोट
नगर पंचायत में आमलोग यह कहते नही थक रहे कि नगर पंचायत में विभागीय काम के नाम पर लूट खसोट मचा हुआ है। सीताराम सरोवर तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य निविदा के तहत नहीं करा कर विभाग नगर पंचायत द्वारा कराया जाना जांच का विषय है।

एसडीओ के आवासीय परिसर में हुआ था निर्माण
अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रविंद्र ने अपने आवसीय परिसर में सीताराम सरोवर का निर्माण करा पकड़ीदयाल वासियों एवं खासकर युवाओं को तोहफा देने का काम किया था। जहां लोगों के योग, टहलने सहित तैराकी के लिए सरोवर का निर्माण कराया गया था। लेकिन नगर पंचायत के लूट खसोट के कारण सीताराम सरोवर टूटकर धाराशायी हो गया।

एसडीओ ने लिया संज्ञान
मामले को एसडीओ कुमार रविन्द्र ने संज्ञान में नगर पंचायत को निजी कोष से सरोवर का निर्माण कार्य कराने का निर्देश दिया है। लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रवींद्र ने बताया कि दीवार में लगी पूरी खर्च की वसूली की जाएगी। वहीं निर्माण कार्य उनको निजी राशि से करना होगा। ऐसे नहीं करने पर दीवार में लगी लागत के साथ-साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




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