मुजफ्फरपुर शहर में जलजमाव बड़ी स’मस्या बनती जा रही है। इसका कोई समाधान नहीं दिख रहा है। अब पूर्व नगर विकास एवम आवास मंत्री सुरेश शर्मा और नगर विधायक विजेंद्र चौधरी आमने- सामने हो गए हैं। पूर्व मंत्री ने जहां जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए भूख हड़ताल की चेतावनी दे डाली।
वहीं, नगर विधायक विजेंद्र चौधरी ने कहा कि वे नगर विकास मंत्री थे। उनका क्षेत्र में प्रभाव था। फिर भी उनसे ये काम नहीं सका। इसका मतलब है कि उन्होंने ईमानदारी से कार्य नहीं किया।विधायक ने यह भी कहा कि इस काम में अब लगेंगे, जगह की कोई कमी नहीं होनी दी जाएगी। इस समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाकर रहेंगे। अब यह देखनी है कि कब तक शहरवासियों को जलजमाव से मुक्ति मिलती है। या सिर्फ बयानबाजी का सिलसिला जारी रहेगा।

जनप्रतिनिधि और भूमि माफियाओं पर उठाए सवाल
पूर्व मंत्री ने कहा कि शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए उन्होंने वर्ष 2019 में इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। शहर का जो भी गन्दा पानी है, वह मुशहरी में गिरेगा। लेकिन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भूमि माफियाओं ने अड़ंगा लगाकर कार्य को बाधित कर दिया। उन्होंने अपने प्रोजेक्ट की फ़ाइल भी दिखाई। बताया कि इस ड्रेनेज सिस्टम को रुड़की के इंजीनयर ने तैयार किया था। DM, CO से NOC भी मिल गया था। बावजूद इसके काम को बाधित कर दिया गया।

डिप्टी CM से किया है पत्राचार
पूर्व मंत्री ने बताया कि उन्होंने दस दिन पूर्व डिप्टी CM से पत्राचार कर इससे अवगत कराया है। शीघ्र ही काम शुरू होगा। अगर नहीं हुआ तो वे शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए भूख हड़ताल तक करेंगे।

खाते में पड़े हैं 183 करोड़
पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के किये खाता में 183 करोड़ रुपये पड़े हुए हैं। लेकिन, कोई भी कम करना नहीं चाह रहा है। उन्होंने कहा कि श्मशान की जमीन बताकर काम को जिस तरह से रोक दिया गया था। वह जमीन अलग है और जहां काम हो रहा है। वह ज़मीन अलग है। लेकिन, एक साजिश के तहत कार्य नहीं होने दिया जा रहा है।




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