इस बार हुई सामान्य से काफी अधिक बारिश के कारण किसानों को व्यापक क्षति उठानी पड़ी है। लगातार बाढ़-जलजमाव के कारण डूब जाने से 54635.23 हेक्टेयर खेत में लगी 72 करोड़ 91 लाख 68 हजार रुपए की फसलें बर्बाद हो गई हैं। जिले में हुई इस बर्बादी का प्रखंड व पंचायतवार आकलन के बाद सोमवार को डीएम प्रणव कुमार ने कृषि विभाग के माध्यम से सरकार को पूरी रिपोर्ट भेजी है। सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में सिंचित तथा गैर सिंचित क्षेत्र के अनुसार 33 प्रतिशत से अधिक हुई क्षति के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। जिले में इस वर्ष मई माह से ही सामान्य से काफी अधिक बारिश हो रही है।
खासकर धान-मक्के की फसल को लगाए जाने के समय से ही जिले में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है। जुलाई में सिर्फ सामान्य से 30% कम बारिश होने से किसानों को राहत मिली। लेकिन, अगस्त में फिर से सामान्य से 50% अधिक बारिश अब तक हो चुकी है। इस कारण इस वर्ष बाढ़ के साथ ही अत्यधिक जलजमाव से फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है।


स्थिति की जानकारी के बाद सरकार ने बाढ़-जलजमाव से हुई क्षति का कृषि विभाग से ब्याेरा मांगा था। जिले में कराए गए आकलन के अनुसार सकरा एवं मड़वन प्रखंड में बाढ़ एवं जलजमाव से फसलों को क्षति नहीं होने की रिपोर्ट भेजी गई है। बाकी सभी 14 प्रखंडों के 54635 हेक्टेयर में लगी धान एवं मक्के की फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक क्षति होने की रिपोर्ट भेजी गई है। जिला प्रशासन ने प्रखंड वार पूरी रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही किसानों ने सरकार से हुई फसल क्षति के अनुसार भरपाई करने की मांग की है।

प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घाेषित करने समेत छह सूत्री मांगों का साैंपा ज्ञापन
अहियापुर सहित 5 पंचायतों में जलजमाव व घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने को लेकर सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 6 सूत्री मांगों का ज्ञापन सीओ को सौंपा। जिसमें प्रखण्ड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घाेषित करने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में वीरेंद्र ठाकुर, भागेश्वर साह, शिवनाथ राय सहित दर्जनों लोग शामिल हैं।

खरीफ फसल चौपट होने के बाद अब रबी की सताने लगी है चिंता
प्रखंड क्षेत्र की 16 पंचायतों में लखनदेई व मनुषमारा नदी के पानी ने पूरी तरह डेरा जमा लिया है। दाेनाें नदी ने संयुक्त रूप से मिलकर प्रखंड की धरहरवा, घनश्यामपुर, भरथुआ, उत्तराखंड दक्षिणी, उत्तरी, रतवारा पश्चिमी, पूर्वी, आलमपुर सिमरी, महेश्वारा, बभंगामा, नयागांव, बिशनपुर गोकुल, मथुरापुर बुजुर्ग समेत 16 पंचायतों को पूरी तरह आगोश में ले लिया है।
धरहरवा के सभी टोले व गांव में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। यही स्थिति घनश्यामपुर, नयागांव, राजखंड, खेतलपुर, रतवारा, रामपुर, मथुरापुर बुजुर्ग की है। बेशी के सब्जी उत्पादक किसान रविंद्र कुशवाहा ने बताया कि बाढ़ के पानी ने खेतों में विगत डेढ़ माह से डेरा जमाया है। सब्जी के साथ खरीफ की फसल चौपट हो गई है। किसानों की चिंता अब रबी फसल को लेकर है। औराई के किसान अंजनी यादव ने बताया कि किसान पूरी तरह से तंग व तबाह हो चुके हैं। दीनबंधु क्रांतिकारी ने चेतावनी दी कि बाढ़ राहत की राशि आगामी एक सप्ताह के अंदर बाढ़ पीड़ितों के खाते में नहीं भेजी गई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।




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