गाजियाबाद. काबुल (Kabul) में तालिबान (Taliban) का कब्जा होने के बाद अफगानिस्तान से भारतीयों की वतन वापसी जारी है. रविवार को भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का विमान कुल 168 यात्रियों को लेकर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंचा. इनमें से 107 भारत के नागरिक हैं. भारतीय सरजमीं पर उतरने के बाद इन लोगों का दर्द फूट पड़ा और कैमरे के सामने नम आंखों से अपनी कहानियां बताई. फिलहाल इन यात्रियों की एयरबेस पर आरटी-पीसीआर जांच (RT-PCR) कराई जा रही है.


अफगानिस्तान से भारत पहुंचे नरेंद्र सिंह खालसा नाम के शख्स पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपना दुख बयां करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘मुझे रोना आ रहा है… जो भी कुछ 20 सालों में बना था अब सब खत्म हो गया है. सब जीरो हो गया.’ खालसा अफगानिस्तान में सांसद थे. बातचीत के दौरान पत्रकार लगातार उन्हें ढांढस बंधाते रहे. हाल ही में खबर आई थी कि तालिबान ने अफगानिस्तान में सिख और हिंदू समुदाय को सुरक्षा का भरोसा दिया है.

वहीं हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर उतरीं एक अफगान महिला ने बताया कि तालिबान ने उनका घर जला दिया है. उन्होंने कहा, ‘अफगानिस्तान में हालात बिगड़ रहे हैं, इसलिए मैं अपनी बेटी और दो पोते-पोतियों के साथ यहां आई हूं. हमारे भारतीय भाई-बहन हमें बचाने के लिए आगे आए. उन्होंने (तालिबान) हमारा घर जला दिया. हमारी मदद करने के लिए मैं भारत का धन्यवाद करती हूं.’ भारत के अलावा ब्रिटेन, अमेरिका समेत कई देश लगातार अफगानी नागरिकों को निकालने में लगे हुए हैं.


तालिबान पैदा कर रहा है मुश्किलें
द हिंदू की रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि तालिबान के राजधानी पर कब्जा करने के बाद भी औपचारिक सरकार का गठन नहीं हुआ है. ऐसे में उन लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है, जिनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं. एक अधिकारी ने कहा, ‘हमारी सबसे बड़ी परेशानी यह है कि जो लोग काबुल में हैं वे भी तालिबान के गार्ड्स की मंजूरी के बगैर घर से एयरपोर्ट के लिए नहीं निकल सकते हैं.’ उन्होंने समझाया कि भारतीय दूतावास से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित हामिद करजई एयरपोर्ट की इंचार्ज अमेरिकी सेना है. वे भी एयरपोर्ट के बाहर मदद नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में स्थानीय गार्ड्स से हर चेकपॉइंट पर सामना करना जरूरी हो गया है.



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