अगर आप बेरोजगार हैं या फिर रोजगार की तलाश में हैं तो आपके लिए मछली पालन से कमाई का सुनहरा अवसर है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में तालाब का विकास एवं जीर्णोद्धार योजनान्तर्गत सभी वर्ग के आवेदक आवेदन कर सकते हैं। योजना के सभी वर्गो पर राज्य सरकार की तरफ से 50 प्रतिशत अनुदान की सुविधा दी जाएगी। आर्थिक लाभ के दृष्टिकोण से एक्सपर्ट मछली पालन को काफी खास बता रहे हैं।
योजना की 4 इकाई में कर सकते हें आवेदन
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में तालाब का विकास एवं जीर्णोद्धार योजनान्तर्गत सभी वर्ग के आवेदकों के लिए विशेष सुविधाएं दी है। 4 तरह की योजना के बारे में बताया जा रहा है जिसमे लोगों को काफी मुनाफा होगा। सरकार का कहना है कि योजना के सभी वर्गो पर राज्य सरकार की तरफ से 50 प्रतिशत अनुदान की सुविधा दी जाएगी।

योजना और लागत
- तालाब मत्स्यिकी के लिए उन्नत इनपुट की योजना के लिए (मत्स्य बीज, मत्स्य आहार, मेन्योरिंग, दवा) डेढ़ लाख प्रति हेक्टेयर की लागत आएगी।
- उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन की योजना (एडवांस रिफिलिंग, स्टंटेड फिंगरलिंग, ईयरलिंग) के लिए 0.56 लाख प्रति 0.5 हेक्टेयर की लागत आएगी।
- मत्स्य बीज हैचरी निर्माण की योजना में 22 लाख प्रति इकाई का की लागत आएगी।
- ट्यूबवेल तथा पम्पसेट अधिष्ठापन की योजना 0.75 लाख प्रति इकाई की लागत आएगी।

योजना में चयन के लिए अर्हता
- स्वलागत से योजना के क्रियान्वयन में इच्छुक लाभार्थी को प्राथमिकता दी जाएगी।
- योजना के लाभ लेने के लिए निजी, लीज, पट्टा पर तालाब होना आवश्यक है।
- ट्यूबवेल तथा पम्पसेट अधिष्ठापन के लिए न्यूनतम 0.40 एकड़ जलक्षेत्र का तालाब होना अनिवार्य है।

और जानकारी के लिए सर्च करें
योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन वेबसाईट fisheries.ahdbihar.in पर लॉगइन कर सकते हैं। अपूर्ण, त्रुटिपूर्ण आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 4 सितंबर 2021 रखी गई है। योजना की विस्तृत जानकारी राज्यादेश संख्या -1992 दिनांक 2 अगस्त से 2021 से प्राप्त की जा सकती है, जो विभागीय वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/ahd/CitizenHome.html पर उपलब्धहै ।





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