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तेजस्वी ने की प्रधानमंत्री से मांग, बोलें- ‘75वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से जातीय जनगणना कराने की घोषणा करें पीएम मोदी’

बिहार में जातीय जनगणना को लेकर राजनीति तेज हो गयी है. अभी से थोड़ी देर पहले तेजस्वी ने ट्वीट कर पीएम मोदी से इसकी मांग की है. तेजस्वी ने अपने ट्विट मे लिखा कि “ संसद ना सही लेकिन कल लाल क़िले की प्राचीर से 75वें स्वतंत्रता दिवस पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से गरीब, वंचित, उपेक्षित व पिछड़े/अतिपिछड़ों वर्गों के उत्थान एवं समावेशी विकासात्मक कार्यो को समुचित गति देने हेतु “जातीय जनगणना कराने” की घोषणा करने की माँग करता हूँ”.

“प्रधानमंत्री जी बिहार के CM सहित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय नहीं दे पा रहे है. केंद्र सरकार जातिगत जनगणना से इंकार कर चुकी है. ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी कल गांधी मैदान,पटना से अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में राज्य के खर्चे से बिहार में जातिगत जनगणना कराने की घोषणा करे”.

इसके पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी पत्र भी लिखा है. अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि “आदरणीय प्रधानमंत्री जीभारत सरकार नई दिल्ली…. देश में समावेशी विकास कार्यों को समुचित गति देने हेतु नीति निर्धारणबजट आवंटन एवं टीम इंडिया में सबका साथसबका विकासऔर सबका विश्वास’ नारे के अंतर्गत सामूहिक लक्ष्य प्राप्त करने की अपेक्षित प्रगतितथा वास्तविक जनसंख्या की जानकारी हेतु भारत सरकार द्वारा प्रत्येक 10 वर्षों में जनगणना कराई जाती है. महोदयवर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना में युगों- युगो से उत्पीड़ि,त उपहासितउपेक्षित और वंचित पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्गों की जातीय जनगणना नहीं कराने की सरकार द्वारा संसद में लिखित सूचना दी गई हैजो कि दुर्भाग्यपूर्ण है.

तेजस्वी ने आगे लिखापिछड़े एवं अति पिछड़े वर्ग युगों से अपेक्षित प्रगति नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में यदि अब जातिगत जनगणना नहीं कराई जाएगी तो पिछड़ीअति पिछड़ी जातियों की शैक्षणिक सामाजिक राजनीतिक व आर्थिक स्थिति का न तो सही आकलन हो सकेगान ही उसकी बेहतरी व उत्थान संबंधित समुचित नीति निर्धारण हो पाएगा. औरन ही उनकी जनसंख्या के अनुपात में बजट का आवंटन हो पाएगा. महोदयआज से 90 वर्ष पूर्व जातिगत जनगणना वर्ष 1931 में की गई थी. अब यह समय और बहुसंख्यक आबादी की मांग है कि अविलंब जातिगत जनगणना कराई जाए ताकि विभिन्न जातियों के आंकड़े सामने आ सके.

तेजस्वी ने आगे लिखा,  सर्वविदित है कि हमारी मांग और प्रस्ताव पर भारतीय जनता पार्टी सहित बिहार की सभी राजनीतिक पार्टियों के बिहार विधानसभा में निर्वाचित माननीय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सर्वसम्मति से एक स्वर में दो बार क्रमशः 18 फरवरी 2019 एवं 27 फरवरी 2020 को जातिगत जनगणना कराने हेतु प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से अनुरोध किया था. केंद्र और बिहार राज्य दोनों जगह एनडीए की ही सरकार हैऔर एनडीए के सभी दलों के माननीय सदस्यों का भी हमारे इस प्रस्ताव के पक्ष में पूर्ण समर्थन था.

महोदयवर्ष 2019 में तत्कालीन गृह मंत्री आदरणीय राजनाथ सिंह जी ने देश को वर्ष 2021 में जातीय जनगणना कराने का ठोस आश्वासन दिया था. शायद एक कारण यह भी था कि बिहार की बहुसंख्यक बहुजन आबादी ने राज्य की कुल 40 लोकसभा सीटों में से एनडीए को 39 सीटें जिताने का कार्य किया था. बिहार एवं केंद्र में एनडीए की सरकार है तो स्वाभाविक है कि यहां के सभी लोगों को आपसे जातिगत जनगणना कराने की अपेक्षा है.

मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आप बिहार राज्य की जनभावना को ध्यान में रखते हुए बिहार विधानसभा द्वारा समवेत स्वर में पारित प्रस्तावित जनगणना 2021 जातिगत आधार पर हो” के आधार पर ही वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना के साथ ही जातिगत जनगणना कराने का आदेश संबंधित विभाग- प्राधिकार को देना चाहेंगे.

Input : LiveCities

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