मुजफ्फरपुर में सदर अस्पताल पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। यहां लोग इलाज कराने नहीं बीमार पड़ने आते हैं। देर रात हुई बारिश ने पूरे परिसर में पानी जमा कर दिया है, जबकि पहले से भी वहां पर जलजमाव था। पानी सड़ने लगा है। काला पड़ चुका है।
लोग इसी में हेलकर इलाज कराने आते हैं। कहते हैं पानी से निकलने के बाद खुजली होने लगती है और वहां पर लाल निशान बन जाते हैं। दवाई लगाने के बाद ठीक होता है। मोतीझील के कपड़ा व्यवसाई विनोद झा बताते हैं वैक्सीन लेने आए थे। अगर तीन- चार बार आना पड़ा तो चर्मरोग समेत अन्य बीमारियां हो जाएंगी। पूरे परिसर में गन्दा पानी जमा है। कोई इसे निकालने वाला नहीं है।


सिविल सर्जन पानी में बैठकर कर रहे काम
जलजमाव सिर्फ परिसर में नहीं सिविल सर्जन डॉ. विनय शर्मा के चेम्बर में भी है। वे पैर ऊपर रखकर काम करने को विवश हैं। उनके कार्यालय में रखी गयी महत्वपूर्ण संचिका, कागजात और फाइल पानी मे भीगकर खराब हो गई। इसमे कई महत्वपूर्ण फाइल भी हैं। सिविल सर्जन बताते हैं दर्जनों बार नगर निगम से लेकर जिला प्रशासन को इस सम्बंध में पत्र लिखा गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं कि गई है। ये समस्या कोई इस साल की नहीं है। हर साल यही हालात होते हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
बांस-बल्ली लगाकर आवागमन किया बाधित
सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी पानी घुस गया है। मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इमरजेंसी से पानी को हाथ से उलीचकर निकाला गया है। इसके अलावा बांस बल्ली लगाकर उस रास्ते को घेर दिया है, ताकि कोई चार पहिया उधर से नहीं जा सके। उस रास्ते में वाहनों के आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया गया है।






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