अमर शहीद खुदीराम बोस की शहादत दिवस पर फांसी स्थल, चिताभूमि में विशेष आयोजन किया गया। कोरोना प्रोाटॉेकाल को लेकर अमर शहीद खुदीराम बोस केंन्द्रीय कारा में कोई बड़ा समारोह नहीं हुआ। कारा परिवार की ओर से उनको श्रद्धांजलि दी गई। कारा अधीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि अमर शहीद खुदीराम को 11 अगस्त की सुबह चार बजकर 30 मिनट पर फांसी दी गई थी। इ्स समय कारा परिवार की ओर से उनके फांसी स्थल पर श्रद्धांजलि देकर उनके योगदान पर चर्चा की। फांसी स्थल को सजाया गया था। उससे पहले जेल के अंदर बने सेल में सजावट किया गया। वहां पर उनकी प्रतिमा को रखकर उसपर माल्यापर्ण हुआ। वहां पर हवन व कैंडिल जलाकर उनको याद किया गया। परिसर से बाहर बने अमर शहीद खुदीराम पार्क में भी श्रद्धांजलि दी गई। काराधीक्षक ने कहा कि देश को अमर शहीद के त्याग व बलिदान पर गर्व है। जब तक दुनिया रहेगी उनके योगदान को गर्व से याद किया जाएगा। सबसे कम उम्र में उन्होंने फांसी के फंदे को गले लगाया।


इस समारोह में अमर शहीद बोस के गांव से आए प्रकाश हलधर ने श्रद्धांजलि दी। हलधर ने कहा कि वह हर साल जेल के अंदर जाकर उनको नमन करता था। सपरिवार यहां पर आकर आयोजन में 1995 से शामिल हो रहा है। लेकिन दो साल से कोरोना प्रोटोकॉल के कारण उसको अंदर जाने की इजाजत नहीं मिल रही है। लेकिन वह परिसर में ही अपने श्रद्धांजलि देकर उनको याद किया। प्रकाश ने कहा कि वह पशचिम बंगाल के मिदनापुर में खुदीराम बोस के नाम पर बच्चों का स्कूल चला रहा है।हर साल उनके नाम पर वहां पर आयोजन करता है। सरकार से मांग रहेगी कि की फांसी स्थल को सार्वजिनक कर दर्शनीय स्थल बनाया जाए। यहां पर सालोभर आकर लोग दर्शन कर सके। हलधर ने कहा कि चिताभूमि का विकास होना चाहिए। वहां पर जितनी नगर निगम की जमीन है उसपर बेहतर पार्क, संग्रहालय व पुस्तकालय का निर्माण कराया जाए। यहां पर बाहर से आने वाले को यह जानकारी हो सके अमर शहीद के योगदान की। केन्द्रीय कारा में आयोजित समारोह में सहायक अधीक्षक सुनील कुमार मौर्य, रामेश्वर राउत, कार्यालय सहायक संतोष कुमार, रवि कुमार, जफीर सामेत कारा कर्मी व बंदी शामिल रहे
चिताभूमि पर समारोह
अमर शहीद के चंदबारा सोडा गोदाम चौक के पास स्थित चिताभूमि पर आयोजन हुआ। यहां प्रशासन की ओर से जवानों ने आकर श्रद्धांजलि दी। अमर शहीद खुदीराम बोस चिताभूमि बचाओ अभियान समिति के संयोजक शशिरंजन उर्फ पिंकू शुक्ला सह संयोजक साकेत सिंह की देखरेख में आयोजन किया गया। सुबह में चिताभूमि को सजाया गया। उसके बाद लोग आकर श्रद्धांजलि देते गए। इस मौके पर समिति के गाेलू कुमार, रंजीत राम, चंदन कुमार आदि शामिल हुए। सााकेत सिंह ने बताया कि यहां पर पिछले दा साल से सरकारी स्तर पर श्रद्धांजलि का आयोजन किया जा रहा है। इस साल यह तीसरा आयोजन हाे रहा है। सरकारी आयोजन की शुरूआत तत्कालीन जिलाधिकारी धर्मन्द्र सिंह के कार्यकाल में हुआ। तत्कालीन डीआईजी अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में गार्ड आफ आर्नर दिया गया। राष्ट्रपति सम्मानित शिक्षक लक्ष्मीनारायण ठाकुर के नेतृत्व में वृक्षारोपण कार्यक्रम कराया गया। साकेत सिंह ने बताया उसके बाद से हर साल यहां पर सरकारी आयोजन का सिलसिला जारी है। समिति के साथ सरकार के प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हो रहे है।







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