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कभी भी धंस सकता है बिहार-यूपी को जोड़ने वाला पुल:करोड़ों की लागत से बने पुल में 10 साल में ही आया दरार, CM नीतीश ने किया था उद्घाटन, पूर्व विधायक ने की कार्रवाई की मांग

करोड़ों की लागत से सीवान शहर के बीचो बीच से गुजरने वाली दहा नदी पर 10 दिन पहले बना पुल अब कभी भी गिर सकता है। दरअसल आज बुधवार को पुल ऊपर से हल्का धंस गया हैं। जिस पर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बड़ी गाड़ियों के संचालन पर रोक लगा दिया है। ट्रैफिक पुलिस के जवान बृजलाल ने बताया कि पुल का हालत सही नहीं है, ऊपर से धंस गया है, जिससे बड़ी गाड़ियों को रोक दिया गया है। यहां तक कि पिकअप को भी नहीं आने जाने दिया जा रहा है। बता दें कि इस पुल के उद्घाटन के लिए खुद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीवान पहुंचे हुए थे।

CM नीतीश ने बड़े तामझाम के साथ किया था उद्घाटन

10 जून 2011 को मुख्यमंत्री सेतु निर्माण योजना के तहत बिहार राज्य पथ निर्माण विभाग से राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड बिहार के द्वारा सीवान शहर के बीचो बीच से गुजरने वाली दहा नदी पर करोड़ों की लागत से बने पुल का उद्घाटन हुआ था। जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सिवान पहुंचकर इस पुल का बड़े शोर शराबे के साथ उद्घाटन किया था। तब उस समय तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, तत्कालीन मंत्री वृषणी पटेल सहित तत्कालीन सांसद ओम प्रकाश यादव, और तत्कालीन स्थानीय विधायक व्यासदेव प्रसाद भी उद्घाटन में शामिल हुए थे।

कभी भी धंस सकता है पुल, टूट जाएगा बिहार-यूपी का संपर्क

बता दें कि सीवान शहर के बीचो-बीच दहा नदी पर बने इस पुल के बगल में अंग्रेजो के द्वारा बनाए गए पुराने पुल को तोड़ कर एक नया पुल बनाया जा रहा है। जिसके कारण आवागमन के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए यही एक पुल बचा हुआ है। जिसके सहारे उत्तर प्रदेश या फिर बिहार के राजधानी पटना सहित अन्य जगहों पर जाया जा सकता है। वहीं पुल ऊपर से हल्का धंसने के बाद आशंका जाहिर की जा रही है कि यह पुल अब कभी भी धंस सकता है। अगर ऐसा होता है तो बिहार और यूपी का संपर्क टूट जाएगा।

संबंधित लोगो पर हो कड़ी कारवाई

वहीं मात्र 10 सालों में पुल के ऊपर से हल्का धंसने के बाद तत्कालीन विधायक व्यास देव प्रसाद ने कहा कि संबंधित अधिकारी ठेकेदार और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उनसे स्कूल का लागत वसूली की जाए।

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