दीदी की रसोई योजना की शुरुआत औरंगाबाद सदर अस्पताल में सोमवार को हो गई। सीएम नीतीश कुमार वर्चुअल माध्यम से आज इस योजना की पूरे प्रदेश के लिए लांचिंग करेंगे। दीदी की रसोई में मरीजों को तीनों समय मुफ्त में पौष्टिक खाना दिया जाएगा। साथ ही परिजनों के लिए भी भोजन दिया जाएगा। जीविका दीदियों की देख-रेख में ही दीदी की रसोई का संचालन होगा।
6 जीविका दीदी चलाएंगी रसोई
दीदी की रसोई में छह जीविका दीदी मिलकर इसका संचालन करेंगी। इसके लिए जीविका दीदियों को 6 हजार हर महीने वेतन भी मिलेगा। इस रसोई मे आपको रोटी दाल चावल से लेकर डोसा चौमिन समोसा भी मिलेगा, जिसका मूल्य बाजार के मुकाबले बहुत कम है। दीदी की रसोई में मरीजों के परिजनों के लिए भी उचित व्यवस्था किया गया है, जिससे वो भी अपने परिवार के साथ बैठकर खाने का लुत्फ उठा सकेंगे।


इनका क्या है कहना
औरंगाबाद के जिला परियोजना प्रबंधक पवन कुमार ने बताया की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वकांक्षी योजना के तहत दीदी की रसोई का शुरुआत किया गया है। यहां अब महिलाएं सशक्त और सक्षम भी होगीं। इस रसोई में मरीजों को मुफ्त भोजन मिलेगा। वहीं उनके परिजनो को भी कम कीमत पर पौष्टिक भोजन मिलेगा। दीदी की रसोई में कोरोना गाइडलाइन को लेकर सभी तरह का इंतजाम करने का भी निर्देश दिया गया है।
क्या है दीदी की रसोई योजना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 12 जनवरी की कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया था। दीदी की रसोई योजना के अंतर्गत बिहार राज्य के सरकारी अस्पतालों के कैंटीन में जीविका दीदियों के द्वारा खाना बना कर उपलब्ध करवाया जाएगा। इस योजना के द्वारा अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों एवं अस्पताल के स्टाफ को उच्च गुणवत्ता का खाना मुहैयार कराया जाएगा। मरीजों को मुफ्त में खाना मिलेगा। जबकि, परिजनों को न्यूनतम दाम पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश सभी 38 जिलों में इस योजना को लागू किया जाएगा।






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