CM नीतीश कुमार के पेगासस जासूसी मामले की जांच की मांग के बाद बिहार में एक बार फिर जांच कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी केंद्र सरकार से फोन टैपिंग मामले की जांच कराने की मांग कर दी। इसके बाद बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अगर जांच हुई तो BJP के कई नेता फंसेंगे।
मांझी ने लिखा है- ‘अगर विपक्ष किसी मामले की जांच की मांग लगातार कर रहा है और संसद का काम प्रभावित कर रहा है तो यह गंभीर मामला है। मुझे लगता है वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखकर पेगासस जासूसी मामले की जांच करा लेनी चाहिए, जिससे देश को पता चल पाए कि कौन किन लोगों की जासूसी करवा रहा है’।


कल CM ने की थी मांग
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पेगासस जासूसी मामले पर केंद्र सरकार से जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार को इस मामले में एक-एक पहलू की जांच करा लेनी चाहिए ताकि सभी बातें लोगों के सामने आ जाए।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने 19 जुलाई को पेगासस मामले को टेक्नोलॉजी करार दिया था और कहा था कि इस टेक्नोलॉजी के आने के बाद नफा नुकसान तो होता ही है।
BJP के कई नेता फंसेंगे
RJD के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा- ‘इस मामले पर लगता है कि चोर की दाढ़ी में तिनका.. केंद्र सरकार को आखिर इसमें जांच कराने में दिक्कत क्या हो रही है। NDA के सर्वमान्य नेताओं ने भी इस मामले की जांच की मांग कर दी है। मुझे लगता है कि दाल में काला नहीं है, पूरी दाल ही काली है। जैसे ही जांच शुरू होगी BJP के कई नेता फंसेंगे। इसलिए BJP इस जांच से भाग रही है और अपना पीछा छुड़ा रही है’।



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