पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में फिर घिनौना काम हुआ है। ब्लैक फंगस वार्ड में दो मरीजों को भर्ती होने के 24 घंटे में ही भगा दिया गया है। कागजों में लामा दिखाने का काम इस घटना में भी किया गया है। PMCH में यह पहली घटना नहीं है, पूर्व में भी ब्लैक फंगस वार्ड में ऐसे आरोप लगाए गए हैं। डॉक्टरों और हेल्थ वर्करों की मनमानी की शिकायत प्रधान सचिव तक की गई लेकिन अभी कोई जांच नहीं हो पाई है।
ब्लैक फंगस से भाग रहे हेल्थ वर्कर
PMCH में 70 बेड का ब्लैक फंगस वार्ड बनाया गया है। यहां ऑपरेशन को लेकर पहले सही संस्थान पर आरोप लगाए गए हैं। मरीजों को जबरन भगाने का मामला भी अभी जांच में है। इसके बाद भी मनमानी जारी है। 30 जुलाई को रविंद्र सिंह PMCH के ब्लैक फंगस वार्ड में भर्ती हुआ। वह 24 घंटे भी इलाज नहीं करा पाया उसे ऐसा भड़काया गया कि वह अस्पताल से भागने पर मजबूर हो गया। सूत्रों का कहना है कि कोई भी मरीज जब भर्ती होता है तो पहले उसे भगाने का ही प्रयास किया जाता है। रविंद्र कुमार 30 जुलाई को रहा और 31 जुलाई को भाग गया। हॉस्पिटल में स्टाफ ने बता दिया कि इलाज यहां नहीं होगा जान बचाना मुश्किल हो जाएगा। इस डर से वह भाग गया। इसी तरह 31 जुलाई को भर्ती ब्लैक फंगस का मरीज पवन कुमार भी भाग गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर और हेल्थ वर्करों के कारण ऐसा हुआ।
मरीजों को भगाने में हो चकी है मारपीट
PMCH में ब्लैक फंगस का मरीज राज कपूर को भी जबरन डिस्चार्ज किया गया। जबरन डिस्चार्ज करने के कारण ही मरीज और परिजनों के साथ मारपीट की घटना हुई। इस घटना की शिकायत प्रधान सचिव से लेकर मुख्यमंत्री तक से की गई है। शिकायत पर अभी जांच चल ही रही है कि नया मामला सामने आ गया है। इसी तरह ब्लैक फंगस के मरीज राम किशोर पासवान के परिजनों की शिकायत पर जांच चल रही है, जिसमें आरोप है कि मरीज का दवा के अभाव में मौत हो गई है। इस मामले में अधीक्षक से लेकर ब्लैक फंगस वार्ड के सभी डॉक्टरों के साथ हेल्थ वर्कर जांच के घेरे में है।
ब्लैक फंगस के 22 ऑपरेशन पर सवाल
PMCH में 22 ब्लैक फंगस के मरीजों का ऑपरेशन करना बताया गया है। सवाल यह है कि 22 ऑपरेशन किया गया तो दवा कहां से आई। ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया कौन दिया। दवा का इंडेंट किसने तैयार किया। ऐसे कई सवाल है जिसे लेकर सभी सवाल के घेरे में हैं। ऑपरेशन के साथ मनमानी को लेकर शिकायत की गई है जिसमें स्वास्थ्य विभाग की जांच चल रही है। इस मामले में हड़कंप मचा है और अधीक्षक से लेकर विभाग के डॉक्टरों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। मामला हाईकोर्ट में भी पहुंचा है जिससे PMCH में हड़कंप मचा है।





Leave a Reply