विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पशुपालन मंत्री मुकेश सहनी ने सोमवार को NDA की बैठक का बहिष्कार कर दिया। CM नीतीश कुमार के नेतृत्व में हो रही बैठक में उनको छोड़कर सभी सहयोगी पार्टियों के नेता मौजूद रहे। सहनी विधानसभा के पीछे की गेट से बाहर निकल गए। वह उत्तर प्रदेश में फूलन देवी की मूर्ति नहीं लगाने देने पर नाराज बताए जा रहे हैं।
बैठक का बहिष्कार करने के बाद मंत्री सहनी ने कहा- “प्रधानमंत्री की सोच है सबका साथ, सबका विकास, लेकिन वह यूपी में नहीं दिखा। योगी जी ने गलत किया। इस वजह से NDA की बैठक का बहिष्कार कर रहा हूं। NDA में हैं तो सबकी बात सुननी चाहिए। हम सरकार के साथ हैं। सरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही है’।
रविवार को UP के वाराणसी में फूलन देवी की मूर्ति लगाने को लेकर आयोजित कार्यक्रम में सहनी को जाने नहीं दिया गया था। पुलिस ने उन्हें बनारस एयरपोर्ट पर ही रोक दिया था। इसके बाद मंत्री सहनी ने कहा था कि ऐसी घटनाएं बीजेपी सरकार के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के नारे पर सवाल खड़ा करती है।
बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में हुई मीटिंग में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी CM तारकिशोर प्रसाद मौजूद रहे। एनडीए के घटक दल में शामिल ‘हम’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी थे।


नीतीश कुमार की अध्यक्षता में चल रही थी NDA की बैठक।
VIP लगाना चाहती है फूलन की 18 मूर्तियां
VIP ने यूपी के 18 जिलों में पूर्व सांसद फूलन देवी की प्रतिमा लगवाने का फैसला कर सियासत को गर्म कर दिया है। फूलन की 20वीं पुण्यतिथि पर कई जगहों पर प्रतिमा लगाने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस ने माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रतिमाओं को जब्त कर लिया है। VIP के बाद अब यूपी में निषादों की राजनीति करने वाले सियासी दल भी इस राजनीति में कूद पड़े हैं।
मुकेश सहनी पहले भी सरकार पर साध चुके हैं निशाना
- 29 मई को मुकेश सहनी ने भी पंचायत प्रतिनिधियों के हक में सरकार की नीतियों का विरोध किया। सहनी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ना चाहिए। अधिकारियों को इनके अधिकार नहीं देना चाहिए।
- बिहार सरकार में मंत्री मुकेश सहनी ने 11 मई को पप्पू यादव की गिरफ्तारी का भी विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि जनता की सेवा में लगे पप्पू यादव को गिरफ्तार करना सरकार का अंसवेदनशील रवैया है।
- 16 मार्च को बिहार विधान परिषद में राज्यपाल कोटे की 12 सीटों पर शपथ ग्रहण के दिन मुकेश सहनी अचानक अपनी पार्टी के सभी विधायकों के साथ राज्यपाल से मिलने चले गए और हल्ला मच गया कि वे सरकार से समर्थन वापस ले सकते हैं। उस दिन मुकेश सहनी ने कहा था कि ऐसी कोई बात नहीं है, लेकिन अगर जरूरत हुई तो वे फैसला लेने में देरी भी नहीं करेंगे।
नीतीश सरकार में अहम है मांझी और सहनी का रोल
बिहार में एनडीए को कुल 125 सीटें मिली हैं। इसमें बीजेपी को 74, जेडीयू को 43, वीआईपी को 4 और हम को 4 सीटें मिली हैं। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में सरकार बनाने के लिए किसी भी गठबंधन को 122 सीटों की जरूरत है। बीजेपी और जेडीयू की सीटें मिला दें तो 117 सीटें होती हैं। ऐसे में दोनों बड़े दल वीआईपी और हम को इग्नोर कर नहीं चल सकते हैं। क्योंकि सत्ता की चाभी इन्हीं दोनों के पास है।



Leave a Reply