मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल स्थित रामवन में सरकारी जमीन में लगे हरे पेड़ों को जड़ समेत बेच देने का मामला उजागर हुआ है। इसको लेकर वन विभाग ने शिकायतकर्ता के साथ छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। सरकार जल जीवन हरियाली अभियान को लेकर काफी सजग है। लेकिन नेता ही इस अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जिले के पकड़ीदयाल के रामवन में सरकारी जमीन पर लगे हरे पेड़ों को भाजपा नेता ने जड़ समेत बेच दिया है।
पेड़ को लेकर छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज
बताया जाता है कि पकड़ीदयाल के रामवन में सरकारी जमीन पर लगे हरे पेड़ों को भाजपा नेता ने जेसीबी मशीन से जड़ समेत उखाड़कर बेच दिया। उस जमीन पर बचे कुछ पेड़ों के ठूंठ और जड़ सहित उखाड़े गए पेड़ दे रहे हैं। इस मामले में वन विभाग ने पकड़ीदयाल भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष विरेंद्र सिंह सहित छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। लेकिन अब वन विभाग द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी पर हीं सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि वन विभाग ने हरे पेड़ों की हो रही कटाई के बारे में शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता व उनके चाचा को हीं नामजद कर दिया है।
रामवन के पुष्पजीत ने डीएम व वन विभाग को दी जानकारी
सरकारी जमीन पर लगे हरे पेड़ की कटाई किए जाने की जानकारी रामवन के पुष्पजीत सिंह ने डीएम सहित वन विभाग को दी थी। लेकिन वन विभाग के रेंज ऑफिसर ने पुष्पजीत सिंह को भी नामजद कर दिया है। साथ हीं उनके चाचा चंदेश्वर सिंह को भी नामजद कर दिया गया है। यह आश्चर्य का विषय है। इस बाबत चंदेश्वर सिंह ने बताया कि वे इस मामले में कहीं से नहीं हैं। उनके भतीजा ने सरकारी जमीन पर लगे हरे पेड़ों की कटाई की जानकारी डीएम को दी थी। इसी कारण स्थानीय राजनीति के कारण उन्हें व उनके भतीजा को नामजद कर दिया गया है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि कोई आदमी किसी गलत काम की सूचना सरकारी अधिकारियों को क्यों देगा। जब सूचना देने वाले पर हीं प्राथमिकी दर्ज कर दी जा रही है।

फारेस्ट रेंजर ने की मामले की जांच
पकड़ीदयाल प्रखंड के रामवन गांव में सरकारी तालाब के किनारे लगे हरे पेड़ों की कटाई जेसीबी मशीन से की जा रही थी। पेड़ों को जड़ समेत उखाड़कर कुछ लोगों ने उसे बेच दिया। इसकी शिकायत ग्रामीण पुष्पजीत सिंह ने डीएम से की। इसके बाद डीएम के पहल पर पकड़ीदयाल के फॉरेस्ट रेंजर ने मामले की जांच की। जांच के बाद पकड़ीदयाल प्रखंड भाजपा के अध्यक्ष विरेंद्र सिंह सहित छह लोगों के खिलाफ रेंज ऑफिसर ने स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
प्राथमिकी में शिकायतकर्ता व उनके चाचा का नाम आने के बाद वन विभाग की कार्रवाई पर अब कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। इस संबंध में आरोपी भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वह मिलने से इंकार करते रहे। बताया जा रहा है कि चोरमा पंचायत के रामवन में सरकारी तालाब के किनारे कई पुराने पेड़ थे। कई पेड़ कुछ वर्ष पूर्व भी लगाए गए थे। जिसमें से लगभग 60 पेड़ को जड़ समेत काटने के बाद ट्रैक्टर से ढ़ो कर ले जाया गया।
कहते हैं पूवी चम्पारण के डीएम
इस बाबत जब डीएम शीर्षत कपिल अशोक से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि रेंज ऑफिसर ने जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि अगर पेड़ काटने में उनकी की संलिप्तता नहीं होगी तो अनुसंधान में उनका नाम हटाया जा सकता है।



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