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ये क्या जमा खान हिंदू हैं!:JDU के साथ हो गया धोखा, जिसे मुसलमान मान कर पार्टी में लाकर मंत्री बनाया; वो कहने लगे कि हम राजपूत थे

बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान का एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। उन्होने अपने आप तो हिंदु बताया है। जी हां, ये वही जमा खान है जिनको JDU ने BSP से इसलिए तोड़ा था। क्योंकि विधानसभा में JDU के पास कोई मुस्लिम चेहरा नहीं था। JDU में शामिल कराने के बाद जमा खान को अल्पसंख्यक मंत्री भी बनाया। जमा खान का ये बयान चौंकाने वाला है।

हाजीपुर के अंजानपीर चौक के पास पहुंचे बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान से धर्म परिवर्तन मामले पर पत्रकारों ने सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि उनके पूर्वज राजपूत थे। लेकिन बाद के दिनों में उनके पूर्वजों ने इस्लाम धर्म कुबूल कर लिया था।

पूर्वजों ने कबूल किया इस्लाम
मंत्री जमा खान ने यह कह कर सबको चौंका दिया कि उनके पूर्वज राजपूत थे और बाद के दिनों में उनके पूर्वजों ने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। इसलिए वह मुस्लिम हो गए। उन्होंने दावा किया कि उनके पूर्वज का राजपूत वंशज आज भी मौजूद में है। जिनसे उनका अभी भी पारिवारिक रिश्ता कायम है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने यह बात तब कही जब उनसे धर्म परिवर्तन को लेकर सवाल पूछा गया उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज पहले राजपूत थे। लेकिन, बाद में उनके पूर्वजों ने अपनी स्वेच्छा से इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। जिसके चलते हो उनका परिवार अब मुस्लिम धर्म को मानता है। जमा खान ने अपने हिंदू और राजपूत होने का प्रमाण देते हुए अपने पूर्वजों का हिंदू नाम भी बताया।

धर्म परिवर्तन जबरन नहीं कराया जा सकता

JDU के एक मात्र मुस्लिम मंत्री ने कहा कि धर्म परिवर्तन जबरन नहीं कराया जा सकता। यह अपने मन से होता है। अपना उदाहरण देते हुए उन्‍होंने कहा कि उनके पूर्वज हिंदू थे। आज भी उनके खानदान के कई लेाग राजपूत हैं। इस बाबत उन्‍होंने कहा कि यहां लड़ाई छिड़ी हुई थी। तब बगल के इलाके से जयराम सिंह और भगवान सिंह यहां आए थे। बाद में भगवान सिंह ने इस्‍लाम धर्म कबूल कर लिया। वे मुसलमान हो गए। वह खानदान हमलोगों का है। बगल के सरैयां गांव में जयराम सिंह का परिवार है। उस खानदान के लोग पटिदार हैं। वहां आज भी हमारा आना-जाना होता है। हमारे पारिवारिक संबंध हैं।

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