
अब उस कंपनी को यहां आमंत्रित किया गया है। इस व्यवस्था के तहत रोबोट को नाले में उतार दिया जाता है। पाइप के जरिए वह गंदगी को खीं’च लेता है।नाला उड़ाही न होने से हुआ था जलजमाव दरअसल पटना में ही बोरिंग कैनाल रोड, नाला रोड, आशियाना सहित कई बड़े नाले हैं, जो बंद हैं। हाल ही में पटना में अभूतपूर्व जलजमा’व हुआ था। तब भी जलनिकासी नहीं हो पाई थी। इस कारण पानी घरों में घुस गया था। नाला उड़ाही ठीक ढंग से नहीं हो पाने के चलते यह हा’लात बने थे।रोबोट के जरिए नाला सफाई से जानमाल की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

न्यायालय के अलावा राष्ट्रीय सफाई आयोग सहित विभिन्न मानवाधिकार संगठन सीवर और बंद नालों की सफाई मजदूरों के जरिए न कराने की बात कहते रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक बीते पांच सालों में नाला और सीवर सफाई के दौ’रान करीब 1870 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।राज्य के बंद नालों की सफाई अब रोबोट से कराई जाएगी। प्रजेंटेशन के लिए कंपनियों को बुलाया गया है। उसके बाद तय किया जाएगा कि कितने रोबोट की जरूरत होगी।




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