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मुजफ्फरपुर में बाढ़ पी’डि़तों के लिए आज से चलेंगे नौ सामुदायिक रसोईघर

जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। अब तक 15 पंचायतों की 17 हजार से अधिक आबादी इससे प्रभावित हुई है। औराई, कटरा और गायघाट में बाढ़ का कहर अधिक है। बाढ़ पीडि़तों को राहत पहुंचाने की प्रशासनिक कोशिशें भी तेज हो गई हैं। जिले में सोमवार तक दो सामुदायिक रसोईघर संचालित किए गए। अब मंगलवार से नौ सामुदायिक रसोईघर चलेंगे। इसमें पांच कटरा व चार औराई प्रखंड में होंगे। इसके अलावा भी अन्य व्यवस्था की जा रही है। सभी प्रखंडों को एक-एक बोट एंबुलेंस भी दी जाएगी। 

प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ से अब तक दो पंचायतें पूर्ण और 13 आंशिक रूप से प्रभावित हैं। बाढ़ का 83 वार्डों की 17344 आबादी पर असर पड़ा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य भी तेज कर दिया है। प्रभावित आबादी को बाहर निकालने के लिए 12 सरकारी और 14 निजी नावें चलाई जा रही हैं। 11344 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अभी शिविर नहीं खोले गए हैं, मगर बाढ़ पीडि़तों को बेहतर भोजन उपलब्ध हो इसके लिए सामुदायिक रसोईघर चलाए जा रहे हैैं।

आज से इन जगहों पर चलेगा सामुदायिक रसोईघर

कटरा प्रखंड की बर्री पंचायत के बालक और बालिका उत्क्रमित मध्य विद्यालय नवादा, कटरा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय अगाहा व उत्क्रमित मध्य विद्यालय बाराडीह एवं सोनपुर पंचायत के बंजारी में।

औराई प्रखंड के बभनगामा बांध में तीन एवं चहुंटा बांध में एक सामुदायिक रसोईघर चलेगा।

बेनीबाद ओपी परिसर में घुसा पानी, गायघाट की आठ पंचायतें जलमग्न

गायघाट (मुजफ्फरपुर), संस : प्रखंड क्षेत्र की दो नई पंचायतों में बाढ़ का पानी सोमवार को प्रवेश कर गया। इससे पूर्व क्षेत्र की 6 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित थीं। शिवदाहां पंचायत के तेजौल, हरखौली मिश्रौली, नवदपुर गांव के दर्जनों परिवार अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। वहीं सोमवार को सुबह में बेनीबाद ओपी परिसर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। जानकारी के मुताबिक ओपी में तैनात पांच महिला समेत 16 पुलिस कर्मी हैं। बेनीबाद ओपी प्रभारी राजकुमार ने बताया कि आधा फीट पानी और बढ़ा तो ओपी में रहना मुश्किल हो जाएगा। इधर, लदौर पंचायत के 60 फीसदी क्षेत्र बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित है। जमालपुर कोदई पंचायत के सैकड़ों घर दो दिन से प्रभावित हैं। सीओ राघवेंद्र कुमार राघवन ने बताया कि प्रभावित गांव में फंसे लोगों के लिए छह सरकारी नावों का व्यवस्था की गई है। जरूरत पडऩे पर निजी नावों की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल बागमती का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। मंगलवार से पानी घटने की उम्मीद जताई जा रही है।

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