बिहार की सियासत में जून के आखिरी हफ्ते में अलग – अलग विभागों में हुए तबादलों ने बवाल खड़ा कर दिया है। विपक्ष तो विपक्ष सरकार को अपने ही मंत्री और विधायकों की आलोचना सुननी पड़ रही है। ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर हुए खेल को लेकर बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी और भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने मुंह खोला तो प्रमुख विपक्षी दल राजद के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ही भला क्यों चुप रहते। उन्होंने बिहार सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में अच्छी या बुरी की कौन कहे, सरकार नाम की चीज है ही नहीं।
लालू बोले- जनादेश को ताक पर बनी सरकार से ऐसी ही उम्मीद
लालू यादव ने कहा कि जनादेश का अपमान कर बनी सरकार में ऐसा होना स्वभाविक है। उन्होंने कहा कि लोक मर्यादा और नैतिकता को ताक पर रखकर राज्य में सरकार बनाई गई। इसमें धन और प्रशासनिक बल के साथ ही छल का भी सहारा लिया गया। गिरते-पड़ते और रेंगते-लेटते किसी तरह सरकार बना ली गई। उन्होंने जदयू के राज्य में तीसरे नंबर का दल होने पर भी तंज कसा और थर्ड डिवीजन की संज्ञा दे दी
मदन सहनी ने लगाया था अफसरशाही हावी होने का आरोप
बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने गुरुवार को कहा था कि मंत्री होने के बावजूद अफसर उनकी बात नहीं सुनते। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल ट्रांसफर – पोस्टिंग तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि अफसरों में जाति की भावना भी है। अफसर मुंह देख कर काम करते हैं। वहीं भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने भी ट्रांसफर – पोस्टिंग में रुपयों का खेल होने की बात कही थी। इसके बाद विपक्ष को सरकार को घेरने का भरपूर मौका मिल गया है। गौरतलब है कि जून के आखिरी हफ्ते में परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बड़े पैमाने पर अफसरों और कर्मियों का तबादला किया गया है।





Leave a Reply