कोई एं’टीबायोटिक असर नही कर रही थी। शरीर मे सूजन से सांस की नालियां सि’कुड़ चुकी थी। फेफडे में सं’क्रमण बढ़ने से उसे बचा पाना मु’श्किल हुआ है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर डॉक्टर विनय कुमार के मुताबिक गुरुवार सुबह पी’ड़िता ने अंतिम सांस ली।
कोई एं’टीबायोटिक असर नही कर रही थी। शरीर मे सूजन से सांस की नालियां सि’कुड़ चुकी थी। फेफडे में सं’क्रमण बढ़ने से उसे बचा पाना मु’श्किल हुआ है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर डॉक्टर विनय कुमार के मुताबिक गुरुवार सुबह पी’ड़िता ने अंतिम सांस ली।

90 फीसदी झु’लसी किशोरी को आ’नन-फा’नन में जिला अस्पताल में भ’र्ती कराया गया था। यहां से उसे गं’भीर हा’लत में कानपुर के हैल’ट अस्पताल रेफर किया गया।युवती शनिवार सुबह घर पर अकेली थी। परिवार के लोग खेत में काम करने गए थे। तभी पड़ोसी युवक उसके घर पहुंचा और द’रिंदगी की। पी’ड़िता के दिए बयान के अनुसार दु’ष्कर्म के बाद उसने परिजनों को बताने की बात कही। इस पर आ’रोपित उसे खीं’चता हुआ कमरे में ले गया और वहां रखे मिट्टी के तेल का गै’लन उस उ’ड़ेलकर आ’ग लगा दी।





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