पाकिस्तान की एक विशेष अ’दालत ने राजद्रो’ह के मा’मले में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को मौ’त की स’जा सु’नाई है। बीते पांच दिसंबर को विशेष अदा’लत ने सरकार अभियोग दल की द’लीलें सुनने के बाद कहा था कि वह इस मा’मले में 17 दिसंबर को अपना फैसला देगी। इससे पहले अदालत ने निर्देश दिया था कि 76 वर्षीय मुशर्रफ पांच दिसंबर को इस मा’मले में आकर अपना ब’यान द’र्ज कराएं। हालांकि, मुशर्रफ की ओर से ऐसा नहीं किया गया था।पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब सेना प्रमुख के पद पर रहे किसी श’ख्स को राज’द्रोह के मा’मले में अदालत की ओर से सजा-ए-मौ’त सु’नाई गई है।

पेशावर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ Waqar Ahmad Seth की अध्यक्षता वाली विशेष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने दो-एक से 76 वर्षीय मुशर्रफ के खि’लाफ यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 48 घंटों में फैसले की पूरी कॉपी आने की संभावना है। इस माम’ले में कल यानी सोमवार को तब नया मो’ड़ आ गया था जब लाहौर हाईकोर्ट (Lahore High Court) ने मुशर्रफ (Pervez Musharraf) की याचिका पर पाकिस्तान सरकार को नोटिस जारी कर निर्देश दिया था कि वह इस्लामाबाद की विशेष अदा’लत के समक्ष लंबित राजद्रो’ह मा’मले की का’र्यवाही पर रो’क लगा दे।
अपने आवेदन में मुशर्रफ (Musharraf’s application) ने हाईकोर्ट से गुजारिश की थी कि वह विशेष अ’दालत में उनके खि’लाफ राज’द्रो’ह के मा’मले में लंबित सभी का’र्यवाहियों को असं’वैधानिक करार दे। असल में विशेष अ’दालत इस केस में 28 नवंबर को ही फै’सला सुनाने वाली थी लेकिन मुश’र्रफ और पाकिस्तान सरकार की याचिकाओं पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने निचली अ’दालत को फैसला देने से रोक दिया था। यही नहीं विशेष अदा’लत ने इस केस की सु’नवाई पांच दिसंबर को करने की बात कही थी।

साथ ही” साथ विशेष अदालत ने पूर्व पाकिस्तानी ता’नाशाह को निर्देश दिया था कि वह पांच दिसंबर तक मौजूद होकर अपना बयान द’र्ज कराएं। लेकिन मुशर्रफ ने दुबई के अमेरिकन हास्पिटल से अपने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी त’बियत ख’राब होने की बात कही थी।मुशर्रफ पर देश में तीन नवंबर 2007 को अतिरिक्त संवैधानिक आ’पातकाल लगाने के आ’रोप थे। पाकिस्तान की पीएमएल-एन सरकार (Pakistan Muslim League-Nawaz, PML-N) ने उनके खि’लाफ दिसंबर 2013 में यह मा’मला द’र्ज किया था। मुशर्रफ पर 31 मार्च 2014 को देशद्रो’ह के मा’मले में आ”रोप तय किए गए थे। इसी साल सितंबर में अभियोजन ने सारे सबूत विशेष अदालत के समक्ष रखे थे। केस में बार बार डाली गई याचिकाओं के कारण देरी हुई। रिपोर्टों में कहा गया है कि मुशर्रफ दु’र्लभ बीमा’री अमिलॉइडोसिस से पीड़ित हैं। इस बीमा’री में प्रोटीन शरीर के अंगों में जमा होने लगती है।

फिलहाल, मुशर्रफ दुबई में अपना इला’ज करा रहे हैं। मुशर्रफ ने बीमा’री का हवा’ला देकर सुप्रीम कोर्ट से राहत की गुहार लगाई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनका नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट से हटाए जाने का निर्देश दिया था जिसके बाद गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने से वह मार्च 2016 में विदेश जाने में कामयाब हो गए थे। उन्होंने वापस लौटने की बात कही थी। लेकिन अपनी जा’न को ख’तरा बताते हुए उन्होंने स्वदेश वापसी से इन’कार कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान की विशेष अदालत ने उन्हें भ’गोड़ा घोषित कर दिया था।



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