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#MUZAFFARPUR पी’ड़िता के आखिरी शब्द- ‘मैं पढ़ना चाहती थी लेकिन मेरे सपनों को ज’ला दिया’

एक युवती को पांच साल तक आ’रोपी परे’शान करता रहा, उसके साथ हर दिन छे’ड़खानी और अ’भद्रता होती थी. फिर एक दिन रे’प (R’ape) का प्रयास किया. कामयाब नहीं हुआ तो उसे जिं’दा ज’ला दिया. करीब दस दिन तक वह जिं’दगी की जंग ल’ड़ती रही. फिर हा’र गई. लेकिन इस वा’रदात के बाद पी’ड़िता ने मीडिया को अपनी पी’ड़ा बता’ई. उसने बताया कि कैसे उसे नहीं ये आ’ग उसके और परिजन के सपनों को लगा दी गई, कैसे उसने इतने सालों तक इस पी’ड़ा को सहा और आज वह मौ’त की कगार पर आ गई, कैसे वह इस त’थाकथित ‘सिस्टम’ का शि’कार हुई.पी’ड़ित युवती ने बता’या कि वह पढ़ना चाहती थी. लेकिन उसे पढ़ने नहीं दिया गया. उसके रास्ते में हमेशा में परे’शानियां ख’ड़ी की गईं.

जब वह घर से निकलती थी राजा नामक आ’रोपी उसे परे’शान करता था. पीछे-पीछे आता था. वह मेरे टीचर को भी ध’मकी देता था. मैं पढ़ना चाहती हूं, मेरी मम्मी एनएम की ट्रेनिंग दिलवाना चाहती थीं. मैं भी लोगों की सेवा करना चाहती थी. लेकिन मेरे रास्ते में हमेशा वह खड़ा रहा. घर पर जब मम्मी नहीं होती थीं तो अंदर घुस आता था प’रेशान करता था. पी’ड़िता ने बताया कि जिसे घर पर किराए पर रखा उसे भी गा’लियां देता था और परे’शान करता था.पी’ड़िता ने कहा कि पुलिस ने हमारी कोई भी मदद नहीं की. जब भी पुलिस के पास शिका’यत लेकर गई हमेशा यही कहा गया कि वह द’बंग लोग हैं उनकी शि’कायत नहीं ले सकते. साथ ही पी’ड़िता ने कहा कि पुलिस हमेशा यही कहती रही कि उनके खिला’फ कुछ म’त करो नहीं तो दिक्’कत होगी.

इसके बाद आला अधिकारियों से भी दो बार संपर्क किया गया लेकिन कोई कार्र’वाई नहीं हुई.इसके साथ ही पी’ड़िता ने अपने परिजन को भी आ”रोपी राजा से खत’रा बताया. पीड़ि’ता ने कहा कि उसे इसके लिए फां”सी की स”जा मिलनी चाहिए. यदि वह ब’च गया तो वह सभी को मा’र देगा. मुझे इंसा’फ चाहिए. कौन दिलवाएगा अब इंसाफ. पीड़ि’ता ने कहा कि आ’रोपी का बाप भी क्रि’मिनल है और इसी वजह से पुलिस भी उससे ड’रती है और कुछ नहीं करती.वहीं पी’ड़िता की ‘मौके बाद उसकी बहन ने कहा कि मेरी बहन आज घुट’ घु’ट कर म”र गई. उसने द’म तो’ड़ दिया लेकिन इं’साफ नहीं मिला. अब हम चाहते हैं कि राजा को फां’सी की स’जा हो. हमें सरकार से और कुछ नहीं चाहिए. बस परिवार की सुरक्षा और आ’रोपी को स’जा ही हमारी इच्छा है.

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