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चिराग पर चाचा पशुपति पारस का पलटवार, ‘ल’ड़ाई लंबी है तो लड़ें, सुप्रीम कोर्ट जाएं लेकिन LJP हमारी है’

पटना. लोजपा नेता चिराग पासवान की पीसी के बाद उनके चाचा पशुपति कुमार पारस ने पलटवार किया है. उन्होंने साफ कह कि पार्टी में तानाशाही व्यवस्था है और नेता परिवर्तन होना चाहिये. हमारी पार्टी में संविधान है कि एक व्यक्ति एक पद पर होगा. चिराग तीन पद पर थे. चिराग को राष्ट्रीय अध्यक्ष बिना चुनाव के बनाया गया. यह भी असंवैधानिक है. तीन पद पर रहना असंवैधानिक है इसलिये संसदीय दल के नेता और राष्टीय अध्यक्ष के पद से उनहे हटाने का निर्णय लिया गया.”

चिराग पासवान के यह कहने पर कि लड़ाई लंबी चलेगी, इस पर उन्होंने कहा “लंबी लड़ाई है तो लड़िये, सुप्रीम कोर्ट तक जाइये. चिराग ने बिहार के अध्यक्ष पद से मुझे असंवैधानिक रूप से हटाया, यह मुख्य कारण है. हम चाहते थे कि एनडीए के साथ चुनाव लड़े लेकिन ऐसा नहीं हुआ. गठबंधन नहीं था. सभी की हार हो गई. लोगों में यही आक्रोश था. हम कह रहे हैं कि लोजपा हमारी है, बाकी कोर्ट बताएगा.”पशुपति पारस ने कहा, “हमारी पार्टी के संविधान में साफ लिखा है कि एक व्यक्ति-एक पद. चिराग पासवान 2013 से पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन हैं, 2019 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया, इसके लिए चुनाव नहीं हुआ, नामांकन नहीं हुआ. इसके बाद वो संसदीय दल के नेता बनें. पार्टी के संविधान के खिलाफ एक व्यक्ति 3 पद पर रहा, इसलिए पार्टी ने फैसला लिया कि इन्हें (चिराग पासवान) संसदीय दल के नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त किया जाए.”

इस मौके पर एलजेपी नेता सुरजभान सिंह ने कहा, “हारा हुआ जुआरी कोर्ट जाता है, जीता हुआ नहीं.

दोनों एक साथ आयेंगे, परिवार भी साथ रहेगा, घर भी एक साथ रहेगा. जब तक सुरजभान रहेगा, राम विलास का बंगला क्या जलने देगा. इतने दिन चिराग के अंडर काम किया, कुछ दिन चिराग भी पारस के नेतृत्व में काम करें. 30 साल पार्टी को हो गया और चिराग को आए अभी 8 साल हुए हैं. पार्टी पारस जी चलाए. मेरा काम पार्टी और परिवार को जोड़ना है, तोड़ना नहीं.”

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