एसकेएमसीएच में ब्लैक फंगस के मरीज आने लगे हैं। गुरुवार को सात मरीज आए। चार संदिग्धों की जांच चल रही है वहीं तीन मरीज वार्ड में भर्ती है। जानकारी के अनुसार भर्ती मरीज में स्लेहा चौधरी, राजेश राय व मुकेश कुमार शामिल हैं। अधीक्षक डॉ.बीएस झा ने बताया कि ओपीडी में जो संदिग्ध मरीज आए उसमें सुशीला देवी, शंकर राय व उषा देवी हैं। इनका इलाज शुरू कर दवा दी गई है। जरूरी जांच चल रही हैैं। उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही ब्लैक फंगस की पुष्टि होगी। उन्होंने बताया कि जो मरीज भर्ती हैं उनका बारी-बारी से विशेषज्ञ चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे हंै। एसकेएमसीएच के वरीय सर्जन डॉ.भारतेंदु कुमार की निगरानी में ऑपरेशन थियेटर में चिकित्सक दल को हर तरह की दवा व आवश्यक सामान की आपूर्ति होने के बाद अब नियमित जरूरमंद मरीजों का भी ऑपरेशन होगा।
प्राचार्य डॉ.विकास कुमार ने ब्लैक फंगस मरीज के सफल ऑपरेशन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब मरीज को पटना जाने की जरूरत नहीं होगी। प्रबंधक संजय कुमार ने कहा कि ओपीडी नियमित चल रही है। इसमें मुजफ्फरपुर व आसपास जिलों के मरीज आने लगे हैं। उनका विशेषज्ञ चिकित्सक इलाज कर रहे हंै। आवश्यकतानुसार दवाएं मिल रही हैं।
डॉ.दीपक कर्ण की देखरेख में हुआ ऑपरेशन
एसकेएमसीएच न्यूरो सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.दीपक कर्ण ने बताया कि पहली मरीज स्लेहा चौधरी का ऑपरेशन सफल रहा। उनकी सूझ-बूझ लौट गई है। आवाज देने पर वह अपना हाथ उठा रहीं और पांव मोड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि अहियापुर इलाके के दूसरे मरीज मुकेश कुमार का गुरुवार को ऑपरेशन किया गया। वह 12 साल से डायबिटीज के मरीज हैं। ऑपरेशन में विशेषज्ञ चिकित्सक सुजीत कुमार व दूर्गेश ने सहयोग किया। डॉ.कर्ण की मानें तो एक और मरीज भर्ती है जिसका ऑपरेशन शुक्रवार को किया जाएगा। पहला मरीज ऑपरेशन के बाद बिल्कुल ठीक है। उसमें सुधार है। एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ.बीएस झा ने कहा कि ब्लैक फंगस के मरीज के लिए अस्पताल में हर तरह की सुविधा मिल रही है। दवा, इलाज व ऑपरेशन हर चीज मुफ्त है। कोरोना के साथ इधर ब्लैक फंगस के मरीज आ रहे। उनके इलाज में किसी तरह की कमी नहीं रहने दी जा रही है।





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