बिहार में चक्र’वाती प्रभावों से हुई मू’सलाधार बारिश से जनजीवन पर भारी असर पड़ा है। रिकॉर्ड तो’ड़ बारिश से पटना, गया, पूर्णिया सहित जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो गई है। हवा की रफ्तार अधिकतम 37 किमी प्रतिघंटे और चक्रवाती हवा की रफ्तार अधिकतम 44 किमी प्रतिघंटे रहने से जगह-जगह पेड़ उखड़ गए। ग्रामीण इलाकों में मिट्टी से बने कई मकानों के ढहने की सूचना है। जगह-जगह तेज हवाओं के साथ बारिश ने तूफान की तीव्रता से लोगों को डराये रखा। आज भी भारी बारिश के आसार हैं।
राज्य में दो दिनों में यास तूफान की चपेट में आने से सात लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा छह लोग घयल हुए हैं। सरकार ने इन मौतों की पुष्टि की है। इन सभी को सरकारी प्रावधनों के अनुसार अुग्रह अनुदान दिया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक दरभंगा और बांका जिलें में एक-एक व्यक्ति की मौत पेड़ गिरने से हो गयी हैं। बांका में एक व्यक्ति की घायल होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा मुंगेर, बेगूसराय, गया, भोजपुर और पटना एक- एक व्यक्ति की मौत दीवार गिरने से हो गयी हैं। बेगूसराय में चार और गया में एक व्यक्ति दीवार गिरने से घायल हुए हैं।
चक्रवात यास कम दबाव के क्षेत्र के रूप में बदलकर राज्य के उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ गया है और अगले 24 घंटों में कमजोर होकर इसी ओर स्थिर रहने के आसार हैं। इसके प्रभाव से उत्तर बिहार में शनिवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसका प्रभाव शुक्रवार दोपहर बाद से ही सूबे में दिखने लगा है। मौसमविदों का कहना है कि राज्य के अन्य हिस्सों में हवा की रफ्तार और बारिश की तीव्रता कम हो गई है और अगले 24 घंटों में और भी कम हो जाएगी।





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