
पी’ड़िता की मां के वकील ने प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मा’मले का उल्लेख किया और कहा कि दो’षी की पुनर्विचार याचिका का विरोध कर रहे हैं।पीठ ने कहा कि पी’ड़िता की मां के वकील की बात भी 17 दिसंबर को उसी वक्त सुनी जायेगी जब दो’षी की पुनर्विचार याचिका सु’नवाई के लिये आयेगी। शीर्ष अदालत ने पिछले साल नौ जुलाई को इस मा’मले के तीन अन्य दो’षियों 30 वर्षीय मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिकायें खारिज कर दी थीं। दक्षिण दिल्ली में 16-17 दिसंबर, 2012 की रात छह व्यक्तियों ने चलती बस में 23 वर्षीय मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक ब’लात्कार करने के बाद उसे बु’री तरह ज’ख्मी हा’लत में सड़क किनारे फें’क दिया था।

पी’ड़िता की बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउन्ट एलिजाबेथ अ’स्पताल में मृ’त्यु हो गयी थी।इस माम’ले में पुलिस ने छह आरो’पियों को गि’रफ्तार किया था। इनमें से एक आ’रोपी राम सिंह ने ति’हाड़ जेल में क’थित रूप से आत्मह’त्या कर ली थी जबकि एक अन्य आ’रोपी किशोर था। इस आ’रोपी को किशोर न्याय बोर्ड ने दो’षी ठहराते हुये तीन साल की सजा सुनायी थी। आ’रोपी को तीन साल की स’जा पूरी होने के बाद सुधार गृह से रिहा कर दिया गया था। अक्षय के अलावा तीन अन्य दो’षियों के पास अभी भी शीर्ष अदालत में अपनी दो’ष सिद्धि और मृ’त्यु दं’ड के फैसले में सु’धारात्मक याचिका दा’यर करने का विकल्प है।



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