पुरानी बाजार सेंट्रल बैंक के सामने कैश वैन से 88 लाख रुपए लूट का प्रयास करने वाले अपराधियाें से मुठभेड़ में घायल हुए गार्ड विजय कुमार आर्मी में हवलदार पद से रिटायर्ड हैं। गायघाट के बरुअारी गांव के मूल निवासी विजय कुमार अार्मी में रहते हुए कारगिल युद्ध ल’ड़ चुके हैं। बताया कि 1990 में अार्मी में बहाल हाेने के बाद सेना में सेवा काल का 16 साल सियाचिन और जम्मू कश्मीर में ड्यूटी करते हुए गुजारा। अक्सर आतंकियाें से मुठभेड़ करते व बर्फबारी जैसे घाेर संकट के बीच जिंदगी गुजरी है। उन्हाेंने बताया कि पहले से आभास हाे जाता कि बाइक से आने वाला अपराधी है और वह गाे”ली चला सकता है ताे वह बचकर नहीं जा सकता था। यदि बंदूक की जगह हाथ में रायफल हाेती तब गाेली लगने के बाद भी दाेनाें अपराधियाें काे ढेर कर देता।
सेंट्रल बैंक के गार्ड विजय कुमार ने बताया कि आर्मी से 1 अप्रैल 2011 काे रिटायर हुआ। आने के बाद परिवार के साथ अहियापुर में रहते हैं। गार्ड के परिजनाें ने कहा कि उनलाेगाें की किसी से एेसी दुश्मनी नहीं है कि गाेली मार दे। इधर, कैश वैन लूट का प्रयास करने वाले अपराधियाें काे पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
आपरेशन ताे हुआ लेकिन स्पाइनल काेड में फंसी है गाेली, फिलहाल निकालना खतरनाक
मां जानकी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती गार्ड विजय कुमार का आपरेशन हाे चुका है लेकिन गाेली अभी शरीर के अंदर ही है। चिकित्सकाें ने परिजनाें काे बताया है कि गाेली स्पाइनल काेड के पास फंसी हुई है। जिसे फिलहाल निकालना खतरनाक है। आपरेशन में थाेड़ी भी चूक हाेने पर पैरालाइसिस अटैक हाेगा और कमर से नीचे का अंग काम करना बंद कर देगा। इस वजह से गाेली अभी नहीं निकाली गई है।
सेंट्रल बैंक ने साहसिक कार्य का दिया इनाम
सेंट्रल बैंक के केंद्रीय कार्यालय ने 24 घंटे के भीतर दोनों गार्ड को साहसिक कार्य का इनाम दिया है। विजय कुमार और रामदेव राम को नकद राशि का पुरस्कार, समयपूर्व प्रोन्नति या स्थायी वेतनवृद्धि, मनचाहा स्थानांतरण और विजय कुमार का समस्त चिकित्सा खर्च का वहन बैंक की ओर से किया जाएगा। अब जिला प्रशासन से भी दोनों गार्ड को पुरस्कृत करने की मांग रखी गई है।





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