बिहार में कोरोना की दूसरी लहर को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खासे चिंतित हैं. छोटी से छोटी समस्या पर भी उनकी पैनी नजर है. यह कल देखने को भी मिला. उन्होंने वर्चुअल इंस्पेक्शन में 10 कोविड डेडिकेटेड अस्पताल की जानकारी ली. इसी क्रम में उन्होंने भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल का भी निरीक्षण किया. इसी दौरान मरीजों की मौत को लेकर भी मुख्यमंत्री नीतीश ने जानकारी ली.
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूछा कि यदि मुंगेर के कोरोना मरीज की मौत जेएलएनएमसीएच में होती है तो उसकी मौत भागलपुर या मुंगेर में से किस जिले में गिनी जाएगी? इस पर भागलपुर के डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत से बात की. इसके बाद डीएम ने बताया कि उस मरीज की पूरी रिपोर्ट सिविल सर्जन मुंगेर को भेज दी जाएगी. उसके आधार पर वह मौत मुंगेर जिले में ही गिनी जाएगी. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आइसोलेशन वार्ड में एडमिट सात मरीजों से बात की.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेएलएनएमसीएच के सुपरिटेंडेंट डॉ. असीम कुमार दास से यह भी पूछा कि भागलपुर में इतनी अधिक मौतें क्यों हो रही है? इस पर उन्होंने बताया कि यहां भागलपुर के अलावा मुंगेर व पूर्णिया प्रमंडल समेत कोसी-सीमांचल के भी मरीज आते हैं. साथ ही बिहार बॉर्डर से सटे झारखंड के तीन जिलों गोड्डा, दुमका व देवघर के भी गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं. वे सब गंभीर स्थिति में ही आते हैं. ऐसे में अन्य जिलों की तुलना में यहां ज्यादा मौतें दिखती हैं, जबकि प्रॉपर भागलपुर में यह संख्या कम है.






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