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बड़ी खबर: कोरोना संक्रमण के साथ बाढ़ पूर्व की तैयारियों में जुटी नीतीश सरकार, 26 जिलों को किया गया अलर्ट

बिहार में भले ही कोरोना के आंकड़ों में कमी को लेकर थोड़ी राहत मिली है, लेकिन इसके साथ ही बिहार के लिए दशकों से अभिशाप बन चुके बाढ़ की समस्या अभी भी बनी हुई है। अगले कुछ दिनों में मानसून के आने की संभावना है। ऐसे में बिहार में संभावित बाढ़ को लेकर अभी से ही प्रभावित होनेवाले 26 जिलों को अलर्ट पर डाल दिया गया है। पीएचईडी विभाग द्वारा इन जिलों के ईई को बाढ़ की संभावना को देखते हुए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश के बाद लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने जिलों के अपने कार्यपालक अभियंताओं को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया है। पीएचईडी ने 26 जिलों को पत्र भेजा है, जिसमें संभावित बाढ़ क्षेत्रों में पेयजल, शौचालय और स्वच्छता आदि की व्यवस्था की पूरी तैयारी पहले से कर लेने को कहा है, ताकि ऐसी कोई परिस्थिति आती है तो तत्काल लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके।

विभाग के सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव का अभियंताओं को निर्देश है कि बाढ़ की स्थिति में राहत शिविर लगाये जाने वाले स्थानों पर तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पहले से रखें। ऐसे स्थलों की जानकारी जिलाधिकारियों से संपर्क कर प्राप्त कर लें। संभावित बाढ़ क्षेत्रों में ऊंचे प्लेटफॉर्म के साथ चापाकल लगाने का निर्देश भी अभियंताओं को दिया गया है। चापाकलों की मरम्मत का कार्य शीघ्र पूरा कर लें। बरसात के दिनों में चापाकल खराब होने पर, उसकी मरम्मत के लिए पर्याप्त मात्रा में स्पेयर पार्ट्स पहले से अपने पास रखें। जिला नियंत्रण कक्ष में नोडल पदाधिकारी तैनात कर दें। 

पटना, आरा, बक्सर, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, खगड़िया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, मुंगेर, भागलपुर और लखीसराय  

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