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17 साल की लड़की का सु’साइड नोट:सहेली को कहा- तुम्हारी वजह से सब शक कर रहे; बॉयफ्रेंड को लिखा- मैं तुम्हारी रहूंगी; फैमिली को कहा- अब परेशान नहीं करूंगी, बाय

भागलपुर में 17 साल की एक लड़की ने घर में फांसी लगा ली। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। लड़की ने यह सुसाइड नोट अपनी सहेली, अपने बॉयफ्रेंड और अपने परिवार के लिए लिखा है। इस सुसा’इड को पढ़ना और समझना इसलिए भी जरूरी है कि मां-बाप आज के दौर के किशोरों की भावनाओं से वाकिफ हो सकें। इससे पहले जान लीजिए कि सुसाइड करने वाली लड़की का नाम शिवानी था, उसके बॉयफ्रेंड का नाम कुणाल, उसकी सहेली का अमृता और अमृता के बॉयफ्रेंड का नाम अमन था।

सु’साइड नोट में क्या है

शिवानी ने अपने सुसाइट नोट में जो कुछ लिखा था, उसका मतलब यह था कि 16 फरवरी बहुत बुरा दिन था, 23 फरवरी को मेरा बुरा दिन था और 12 मार्च भी वैसा ही दिन रहा। ये तीनों दिन उसके लिए क्यों बुरे दिन साबित हुए, यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई।

शिवानी की अगली पंक्ति दर्द बयां कर रही थी, जिसमें उसने लिखा था कि अमृता आज मैं अपने प्यार और अपने परिवार को सिर्फ तुम्हारे और अमन की वजह से खो रही हूं। सब सिर्फ तुम्हारी वजह से मुझ पर शक कर रहे हैं। फिर यह पंक्ति शायद कुणाल के लिए थी, जिसमें उसने लिखा कि जान, मैं कहीं बिजी नहीं थी, इसी लड़की को दी थी फोन अपने बॉयफ्रेंड से बात करने के लिए। मैं तुम्हारी हूं तुम्हारी रहूंगी। आई लव यू। मैं तुमसे प्यार करती हूं।

फिर उसी पत्र में नीचे में उसने अपने परिजनों के लिए भी लिखा कि My lovely all family मैं कुणाल से दिल से प्यार करती थी। आपलोगों को वो पसंद नही था लेकिन मैं अपनी पूरी जिन्दगी उसके साथ बिताना चाहती थी। फिर अगली पंक्ति कुछ ऐसी थी जब शायद वह काफी परेशान हो गयी थी। आगे लिखा था- मैं आपलोगों को जान तुम्हें बहुत परेशान किये न, अब नहीं करेंगे। सब कोई खुश रहना। आई लव यू, आपकी शिवानी, बाय।

यह लिखकर उसने शायद सुसाइड नोट को जल्दबाजी में इस डर के साथ पूरा किया कि कोई आ न जाए और फिर कुछ अनसुलझे सवाल छोड़ कर फंदों से झूल गई।

अब शिवानी और उसके परिवार के बारे में जानिए

शिवानी भागलपुर के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के तांती टोला घाट रोड निवासी किराना दुकानदार संतोष तांती की 17 वर्षीय पुत्री थी। वह बचपन से ही अपने ननिहाल बेगूसराय जिला के लखमिनिया में रहती थी। इंटर की छात्रा थी। कुछ दिन पहले ही वह अपने ननिहाल से आई थी। शिवानी के पिता की किराने की दूकान घर में ही है। गुरुवार को दिन के करीब 12 बजे शिवानी नहाने के बहाने से दूसरे मंजिल पर गई, लेकिन करीब डेढ़ घंटे के बाद भी वापस नही लौटी। उस समय दूकान पर मां, छोटा भाई और छोटी बहन थी। शिवानी की मां ने उसकी छोटी बहन को उसे बुलाने के लिए भेजा।

बहन ने जाकर देखा तो कहा कि कमरे का दरवाजा अन्दर से बंद है। दीदी दरवाजा नहीं खोल रही है | उसकी बात सुनकर सभी लोग वहां पहुंचे। किसी अनहोनी की आशंका से डरे परिवार वालों ने दरवाजा तोड़ दिया। दरवाजा टूटते ही अंदर घुसे तो शिवानी को फंदे से लटके हुए पाया। आननफानन में रस्सी काटकर उसे नीचे उतारा गया लेकिन तबतक शिवानी की मौत हो चुकी थी।

इसके बाद घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। थानाध्यक्ष रतनलाल ठाकुर घटनास्थल पर पहुंचे और लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जवाहरलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज भेज दिया।

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